गंगा की गोद में बसा हुआ गाजीपुर। प्रसिद्ध लेखक और महाभारत जैसे सीरियल के संवाद लिखने वाले डॉक्टर राही मासूम रजा इसी धरती पर पैदा हुए। कभी यह कम्युनिस्टों की धरती थी। प्रसिद्ध वामपंथी नेता सरजू पांडे इसी धरती पर पैदा हुए। गंगा तट पर ही जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि जिस दिन गाजीपुर की धरती पर उनकी पार्टी का झंडा फहरेगा, उस दिन उत्तर प्रदेश की धरती पर जनसंघ की सत्ता होगी। इस चुनाव में इस धरती पर ऐसा चुनावी महाभारत हो रहा है, जिसमें सभी के अपने-अपने दावे हैं। अंसारी परिवार दावा कर रहा है कि यहां पर सहानुभूति के नाम पर वोट पड़ेंगे। किसके प्रति सहानुभूति? सपा नेता कहते हैं कि मुख्तार अंसारी के निधन के बाद लोगों में सहानुभूति है। अंसारी परिवार को लगता है कि लोग बहुत दुखी हैं और मुख्तार के जाने से परेशान भी, लेकिन जमीन पर इस तरह का कुछ दिखता नहीं है।
