Lok Sabha Elections 2024: इस साल 7 चरणों में होने जा रहे लोकसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आ गई है। सभी राजनीतिक दल जीत के लिए गुणा भाग में लगे हुए हैं। पहले चरण के चुनाव 19 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। उत्तर प्रदेश की बात करें तो राज्य में सभी 7 चरणों के दौरान वोटिंग होने वाली है। इस दौरान राज्य की 80 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। उत्तर प्रदेश में वोटिंग के दौरान सहारनपुर लोकसभा सीट पर खासी निगाह रहेगी। 2019 में प्रचंड BJP (Bhartiya Janata Party) लहर के बावजूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सहारनपुर सीट बीजेपी के हाथ से निकल गई थी और बसपा के कब्जे में चली गई थी। ऐसे में यह सीट सत्तारूढ़ दल के लिए इस बार भी एक चुनौती होगी।
2019 में हुए आम चुनावों के बाद वर्तमान में सहारनपुर लोकसभा सीट से बसपा (Bahujan Samaj Party) के हाजी फजलुर रहमान सांसद हैं। वह SP (Samajwadi Party), बसपा और रालोद (Rashtriya Lok Dal) गठबंधन की ओर से चुनाव में खड़े किए गए थे। उन्हें 514,139 वोट मिले थे। उनके करीबी प्रतिद्वंदी बीजेपी के राघव लखनपाल को 4,91,722 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस के इमरान मसूद को 2,07,068 वोटों से संतोष करना पड़ा था।
सहारनपुर सीट पर पहले चरण के तहत 19 अप्रैल को वोट डाले जांएगे। बीजेपी ने इस सीट के लिए एक बार फिर राघव लखनपाल शर्मा पर भरोसा जताया है। पार्टी ने उन्हें इस सीट से तीसरी बार प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं बसपा ने इस बार माजिद अली को मैदान में उतारा है। कांग्रेस-सपा गठबंधन की ओर से कांग्रेस के इमरान मसूद को फिर से खड़ा किया गया है। इस बार क्षेत्र का चुनावी समीकरण इसलिए अलग है क्योंकि 2019 में बसपा और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इस बार बसपा राज्य में अकेले ही चुनाव लड़ रही है और सपा-कांग्रेस साथ हैं। साथ ही बीजेपी और जयंत चौधरी की RLD एक साथ आ चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में RLD भी एक बड़ा नाम है। ऐसे में मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है।
2019 के चुनावों में सहारनपुर लोकसभा सीट पर वोट का प्रतिशत 71 प्रतिशत रहा था। कुल मतदाता 1739082 रहे थे, जिनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 930769 और महिला मतदाताओं की संख्या 808231 थी। सहारनपुर सीट पर करीब 6 लाख मुस्लिम वोट हैं। लकड़ी पर हाथ से नक्काशी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर सहारनपुर में करीब 56 प्रतिशत हिंदू और 41 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। दलित वोट भी अच्छी खासी संख्या में हैं।
पिछले चुनावी इतिहास की बात करें तो 1952, 1957, 1962, 1967 और 1971 यानि लगातार 5 बार सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी जीता। इसके बाद 1977 में यह जनता पार्टी और 1980 के चुनावों में जनता पार्टी सेक्युलर के कब्जे में गई। 1984 में कांग्रेस फिर इस सीट पर लौटी। इसके बाद 1989 और 1991 के चुनावों में यहां से जनता दल ने बाजी मारी। 1996 और 1998 में बीजेपी की जीत हुई। 1999 में बसपा और 2004 में सपा का कब्जा रहा। इसके बाद 2009 में फिर बसपा लौटी, 2014 में बीजेपी के राघव लखनपाल ने कांग्रेस के कद्दावर नेता इमरान मसूद को हराया और 2019 में बसपा ने वापसी की।
इस तरह सहारनपुर सीट पर सबसे ज्यादा 6 बार कांग्रेस और फिर 3 बार बसपा का कब्जा रहा। राशिद मसूद अलग-अलग पार्टियों से 5 बार इस सीट से सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस से सुंदर लाल 4 बार सहारनपुर सीट से सांसद रहे हैं। पहली बार 1952 में जब दोबारा चुनाव हुए और फिर 1962, 1967, 1971 में।
सहारनपुर जिले में 5 विधानसभा क्षेत्र
सहारनपुर जिले में 5 विधानसभा क्षेत्र- बेहट, सहारनपुर देहात, सहारनपुर नगर, देवबंद, रामपुर मनीहारन (SC) आते हैं। 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक सहारनपुर की कुल आबादी करीब 34 लाख 66 हजार 382 है। सहारनपुर का नाम राजा सहारन पीर के नाम पर है। इसे 1340 के आसपास बसाया गया था। उत्तर प्रदेश के लखनऊ से इसकी दूरी 702.6 किलोमीटर है।