Lok Sabha Elections 2024: PM मोदी, अमित शाह ने 2019 में तोड़े थे ये रिकॉर्ड, इस लोकसभा चुनाव में क्या कांग्रेस बचा पाएगी अपने गढ़

Lok Sabha Elections 2024: 1980 और 1984 में कांग्रेस की लगातार जीत के बाद, 2019 में यह पहली बार था, जब किसी पार्टी ने लगातार दो लोकसभा चुनावों में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। पिछले लोकसभा चुनाव में BJP को भारी जीत मिली और उसने 303 सीटें जीतकर सरकार बनाई। चुनाव आयोग के अधिकारी इन दिनों राज्यों के दौरे पर हैं

अपडेटेड Mar 04, 2024 पर 5:54 PM
Lok Sabha Elections 2024: 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी और अमित शाह ने गांधी नगर सीट से रिकॉर्ड जीत हासिल की थी

Lok Sabha Elections 2024: देश इस वक्त लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है। ऐसा अनुमान है कि आने वाले 10-15 दिनों के भीतर ही चुनाव आयोग आम चुनाव की तारीखों का ऐलान कर देगा। आयोग के अधिकारी इन दिनों राज्यों के दौरे पर हैं। जनवरी में आयोग ने आंध्र प्रदेश में तैयारियों की समीक्षा की, जहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे। आंध्र प्रदेश के अलावा, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में एक साथ संसदीय और विधानसभा चुनाव होंगे। पैनल बाकी राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश का भी दौरा कर रहा है।

वहीं अगर पिछले चुनाव की बात की जाए, तो 17वीं लोकसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए भारत में 11 अप्रैल से 19 मई 2019 तक सात चरणों में आम चुनाव हुए। वोटों की गिनती की गई और परिणाम 23 मई को घोषित किया गया। चुनाव में BJP को भारी जीत मिली और उसने 303 सीटें जीतकर सरकार बनाई।

कैसे रहे 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे


1980 और 1984 में कांग्रेस की लगातार जीत के बाद, यह पहली बार था, जब किसी पार्टी ने लगातार दो लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections 2024) में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। 2019 में बीजेपी की जीत उसके वोट शेयर में तेज बढ़ोतरी के कारण हुई है। कुल मतदान के लगभग 38% वोटों के साथ, BJP का वोट शेयर 1989 में कांग्रेस (39.5%) से थोड़ा ही कम रहा।

सत्ताधारी पार्टी की जीत व्यापक रही है, जिसने देश के ज्यादा हिस्सों में और ग्रामीण-शहरी विभाजन के बावजूद जबरदस्त सीटें हासिल कीं, जिससे भारतीय राजनीति में उसकी ध्रुव स्थिति मजबूत हुई है।

मुख्य प्रतिद्वंद्वी यूपीए ने 90 सीटें जीती, जिसमें कांग्रेस के खाते में सिर्फ 52 सीट आईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से 4 लाख 79 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे। उन्होंने 2014 के संसदीय चुनाव में अपने पिछले अंतर 3 लाख 71,784 वोटों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। उन्होंने 1,95,000 वोट हासिल कर SP-BSP-RLD गठबंधन प्रत्याशी शालिनी यादव को हराया।

पार्टी सीट वोट %
बीजेपी 303 37.7%
कांग्रेस 52 19.7%
समाजवादी पार्टी 05 2.6%
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 05 1.4%
तृणमूल कांग्रेस 22 31.3%
जनता दल यूनाइटेड 16 1.5%
आम आदमी पार्टी 01 0.4%

कौन हैं इस बार दमदार उम्मीदवार?

इस बार चुनाव मैदान में दमदार उम्मीदवारों की लिस्ट में हर बार की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सबसे ऊपर आता है। वह पिछले दो बार से अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से रिकॉर्ड अंतर से जीत रहे हैं।

जहां 2014 में उन्होंने 3 लाख 71,784 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, तो 2019 में उन्होंने अपना ये रिकॉर्ड खुद ही तोड़ दिया और 4 लाख 79 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते।

स्मृति ईरानी ने छीना नेहरू-गांधी परिवार का गढ़

वहीं इस लिस्ट में दूसरे नंबर आती हैं स्मृति ईरानी। 2019 के लोकसभा चुनाव में मौजूदा सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लगभग 55,000 वोटों से हराने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अमेठी से मैदान में उतारा है।

नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ माने जाने वाले अमेठी पर 2019 के आम चुनाव में ईरानी ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में भी अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ ताल ठोकी थी, लेकिन तब सफलता हासिल नहीं हुई थी। हालांकि, तब एक लाख से ज्यादा वोटों से हारने के बाद 2019 में उन्होंने जबरदस्त वापसी की।

लोकसभा चुनाव से पहले ईरानी और राहुल दोनों ही नेता इन दिनों अमेठी का दौरा कर चुके हैं। बीजेपी नेता अपने क्षेत्र में जन संवाद कर रही हैं, तो वहीं राहुल अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को यहां से निकाल कर ले गए हैं।

2019 के चुनाव में राहुल गांधी अमेठी से भले ही हार गए थे, लेकिन उन्होंने इसके अलावा केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें जीत मिल गई थी।

राहुल गांधी वायनाड से जीते

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राहुल गांधी ने वायनाड में अपने निकटतम CPI उम्मीदवार पीपी सुनीर को 4.31 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। राहुल गांधी ने लोकसभा सीट 70,5034 वोटों से जीती, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पीपी को 27,3971 वोट मिले।

News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी आगामी आम चुनाव में वायनाड लोकसभा सीट को भी अलविदा कह सकते हैं। इस बार वह उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र में वारसी के साथ-साथ कर्नाटक या तेलंगाना से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

अमित साह ने तोड़ो लालकृष्ण आडवाणी का रिकॉर्ड

दिग्गज नेताओं की लिस्ट में अगला नाम है अमित शाह का, जिन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में गांधीनगर लोकसभा सीट 5 लाख से ज्यादा वोटों से जीती और लालकृष्ण आडवाणी के 4.83 लाख वोटों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। शाह ने गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से एक गांधीनगर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार चावड़ा चतुरसिंह जावंजी को 5.43 लाख वोटों से हराया था।

ये अमित शाह का पहला लोकसभा चुनाव था। तत्कालीन BJP अध्यक्ष अमित शाह को 8.74 लाख वोट मिले थे, जबकि जावनजी को 3.30 लाख वोट मिले। चावड़ा, जो गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हैं, गांधीनगर उत्तर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले दो बार के विधायक थे।

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी गांधीनगर लोकसभा सीट से अमित शाह को ही मैदान में उतारा है।

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