Lok Sabha Elections 2024: बिहार (Bihar) में लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच सीट शेयरिंग लगभग तय है। इस बार बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की JDU ने BJP को बड़े भाई का दर्जा दिया गया है। आधिकारिक तौर पर तो इसकी घोषण अभी नहीं हुई, लेकिन JDU के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) ने काफी हद तक साफ कर दिया कि इस बार भी 2019 लोकसभा चुनाव की तरह सीट बंटवारा होगा।
केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी पहले से जीतीं सीटों पर ही चुनाव लड़ने वाली है। हालांकि, खबर ये भी है कि इस बार बिहार में BJP 17 और JDU 16 सीटों से चुनाव लड़ सकती हैं। केसी त्यागी ने कहा कि BJP हमारे लिए बड़े भाई की तरह है।
उन्होंने कहा कि 2019 चुनाव में BJP और JDU ने जो सीटें जीती हैं, वो उनकी अमानत हैं। इसलिए इस बार भी उसी फॉर्मूले पर बहुत जल्द सीट बंटवारा होगा।
2019 में कैसे हुआ था सीट बंटवारा?
बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में बिहार में दोनों की पार्टी 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ी थीं। जिसमें से बीजेपी ने अपने हिस्से की सभी 17 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि JDU को 16 सीटों पर जीत मिली थी। बिहार लोकसभा की कुल 40 सीट हैं।
केसी त्यागी ने ये भी साफ किया आम चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर NDA और दोनों पार्टियों के बीच कहीं कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा, "पहले भी हम NDA के सहयोगी रह चुके हैं और कहीं कोई समस्या नहीं आई।" साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि जल्द ही सीटों का बंटवारा हो जाएगा।
सीट शेयरिंग को लेकर कहां फंसा पेच?
दरअसल अब से पहले ऐसे खबरें थीं कि बिहार में सीट बंटवारे को लेकर काफी मुश्किलें आ रही हैं। क्योंकि एक महीने पहले तक तो फॉर्मूला लगभग-लगभग तया था, लेकिन जैसे ही नीतीश कुमार की NDA में वापसी हुई, तो एक बार फिर सीट बंटवारे का पेच उलझ गया।
इस बार गठबंधन में BJP और JDU के अलावा चिराग पासवान, पशुपति पारस, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी भी हैं।
अगर पिछले चुनाव के हिसाब से देखें, तो तब 17-17 सीट के बाद, जो 6 सीटें बची थीं, वो सीधे-सीधे रामविलास पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी (LJP) को दे दी गई थीं।
इस बार मामला कई जगहों पर फंस रहा है। पहला तो ये कि अब LJP के ही दो टुकड़े हो चुके हैं। एक नेतृत्व चिराग पासवान करते हैं और दूसरा दल उनके चाचा पशुपति पारस के पास है।
दूसरा ये कि इस बार उपेंद्र कुशवाहा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) भी NDA में हैं।
उधर बीजेपी अपनी जीती हुई 17 सीटों को छोड़ना नहीं चाहेगी और न ही JDU भी अपनी उन 16 सीटों पर किसी और पार्टी का उम्मीदवार चाहेगी, जिस पर उसने पिछले चुनाव में जीत हासिल की हो, तो ऐसे में बाकी बची 6-7 सीटों को चार दलों में बांटना बेहद ही मुश्किल है।