Lok Sabha Elections 2024: 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये तो साफ हो गया है कि ओडिशा (Odisha) का सत्ताधारी बीजू जनता दल (BJD), अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन करने जा रहा है। इंतजार है तो बस आधिकारिक ऐलान का। हालांकि, इस गठबंधन को लकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर 15 साल बाद ऐसे क्या हुआ कि नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) को NDA में वापसी करनी पड़ रही है। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नवीन पटनायक की पार्टी को ओडिशा में अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए पैसे की जरूरत है और ऐसे में "डबल इंजन सरकार ही राज्य की मदद कर सकती है।"
हाल ही में जाजपुर जिले के चंडीखोले में एक रैली के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पिछली सरकारों ने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं पिछली सरकारों के समय में अटकी रहीं, उन्हें पिछले 10 सालों में केंद्र की BJP सरकार के कार्यकाल के दौरान पूरा किया गया।
दोनों पार्टियों में चल रहा मंथन
उधर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओडिशा इकाई के नेताओं ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब ओडिशा में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए BJP और बीजू जनता दल (BJD) में गठबंधन के संकेत हैं।
सूत्रों ने बताया कि BJP और BJP में गठबंधन (BJP BJD Alliance) होने की पूरी संभावना है, लेकिन इस पर शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा और यह अलग-अलग पहलुओं, खासतौर पर सीट बंटवारे पर निर्भर करेगा।
दूसरी तरफ BJD नेताओं ने बुधवार को भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आवास नवीन निवास में एक मैराथन बैठक की। तीन घंटे से ज्यादा की चर्चा के बाद, BJD उपाध्यक्ष और विधायक देबी प्रसाद मिश्रा ने BJP के साथ संभावित गठबंधन के बारे में चर्चा की बात स्वीकार की, लेकिन साफतौर से इसकी पुष्टि नहीं की।
मिश्रा ने मीडिया से कहा “बीजू जनता दल ओडिशा के लोगों के व्यापक हितों को प्राथमिकता देगा। हां, इस मुद्दे (गठबंधन) पर चर्चा हुई।" ये दावा करते हुए कि नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा ने काफी प्रगति की है, मिश्रा ने राज्य के विकास को अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं सूत्रों ने सीट बंटवारे को लेकर बताया कि गठबंधन होने की स्थिति में BJP राज्य की ज्यादातर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी, जबकि BJD विधानसभा की ज्यादातर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
ओडिशा में लोकसभा की 21 और विधानसभा की 147 सीट है। पिछले लोकसभा चुनाव में BJD ने 12 और BJP ने आठ सीट पर जीत दर्ज की थी। जबकि विधानसभा में BJD ने 112 और BJP ने 23 सीट पर कब्जा किया था।
दोनों दलों के बीच गठबंधन होने के कयास तेज हो रहे हैं। पहले भी दोनों दल गठबंधन कर चुके हैं। बीजेडी ने साल 2009 के चुनाव से पहले बीजेपी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया था।
हालांकि, दोनों पार्टियों ने पहले 29 फरवरी को संभावित चुनाव से पहले गठबंधन के बारे में सभी मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सार्वजनिक रूप से एक दूसरे की तारीफ भी करते रहे हैं। मंगलवार को भी राज्य में आयोजित मोदी की रैली में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला था। BJD संसद में ज्यादातर समय मोदी सरकार के एजेंडे का समर्थन करती नजर आई है।