Loksabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव के बाद आपके मोबाइल रिचार्ज (Mobile Recharge) की कीमतें बढ़ सकती हैं। एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि आम चुनाव के बाद टेलीकॉम इंडस्ट्री (Telecom Industry) में 15-17 प्रतिशत शुल्क बढ़ोतरी का अनुमान है। देश में 19 अप्रैल से एक जून तक सात चरणों में आम चुनाव होंगे। चार जून को मतगणना की जाएगी। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस सेक्टर में फीस बढ़ोतरी होनी है और भारती एयरटेल को इसका सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया, "हमें उम्मीद है कि चुनाव के बाद इंडस्ट्री 15-17 प्रतिशत शुल्क बढ़ोतरी करेगा।" आखिरी बार दिसंबर, 2021 में चार्ज करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।
क्यों महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज?
भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के लिए एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) का खाका पेश करते हुए ‘ब्रोकरेज नोट’ में कहा गया कि भारती का मौजूदा ARPU 208 रुपए वित्त वर्ष 2026-27 के आखर तक 286 रुपए तक पहुंचने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया, "हमें उम्मीद है कि भारती एयरटेल का कस्टमर बेस प्रति वर्ष करीब दो प्रतिशत की दर से बढ़ेगा, जबकि इंडस्ट्री में प्रति वर्ष एक प्रतिशत की वृद्धि होगी।"
इसमें यूजर बेस पर कहा गया, "वोडाफोन आइडिया की बाजार हिस्सेदारी सितंबर, 2018 के 37.2 प्रतिशत से घटकर दिसंबर, 2023 में करीब आधी यानी 19.3 प्रतिशत रह गई है। भारती की बाजार हिस्सेदारी इस दौरान 29.4 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है। जियो की बाजार हिस्सेदारी इस दौरान 21.6 प्रतिशत से बढ़कर 39.7 प्रतिशत हो गई है।"
JIO ने 2016 में अपनी टेलीकॉम सर्विसेज शुरू की थी और दिसंबर 2019 में पहली बार 20-40% टैरिफ बढ़ोतरी की थी और फिर दिसंबर 2021 में 20% की।
बर्नस्टीन के एनलिस्ट का कहना है कि भारती एयरटेल टैरिफ बढ़ोतरी का नेतृत्व करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 तक टेलीकॉम के ARPU को 260 रुपए से ज्यादा तक ला देगा। जबकि सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स में 15% टैरिफ ग्रोथ होगी।