'मोदी की नहीं महाराष्ट्र में केवल ठाकरे की गारंटी चलती है' शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे ने बताया कैसी है उनकी चुनावी तैयारी
Loksabha Chunav 2024: आदित्य ठाकरे ने कहा, BJP हमें हिंदुत्व का प्रमाणपत्र देने वाली कौन होती है? जब वे कश्मीर में मुफ्ती के साथ गठबंधन करते हैं, तो हमें उन्हें क्या कहना चाहिए? हम उस हिंदुत्व का पालन करते हैं, जो कहता है 'हृदय में राम और हाथ में काम'। देश में नौकरियों की क्या स्थिति है?
MoneyControl News
अपडेटेड Apr 16, 2024 पर 6:06 PM
Loksabha Chunav 2024: शिवसेना UBT नेता आदित्य ठाकरे ने बताया कैसी है उनकी चुनावी तैयारी
Loksabha Chunav 2024: युवा सेना प्रमुख और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में नए नाम या चिन्ह को लेकर चिंतित नहीं है, क्योंकि जनता उनका समर्थन करती है। महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले गुट और शिवसेना (UBT) में पार्टी के विभाजन के बाद ये उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना का पहला चुनाव है।
News18 का साथ खास बातचीत में आदित्य ने चुनाव के लिए अपने पिता के नजरिए और एजेंडे को साझा करते हुए कहा, “महाराष्ट्र में, केवल ‘ठाकरे गारंटी’ काम करती है। लोग उद्धव ठाकरे पर भरोसा करते हैं, क्योंकि उन्होंने हमारा काम देखा है।”
यह पूछे जाने पर कि चुनाव चिन्ह और पार्टी के असली नाम के बिना, सेना (यूबीटी) गुट के लिए लोगों तक पहुंचना कितना मुश्किल होगा? ठाकरे ने कहा, “मुझसे इस बारे में कई बार पूछा गया है… कई 'गद्दार' नेता हमारी पार्टी छोड़ चुके हैं, लेकिन हम इसके बारे में नहीं सोचते, लेकिन हम इस बारे में नहीं सोचते। हम जानते हैं कि हमें जनता का समर्थन हासिल है।"
उन्होंने कहा, "उनका प्यार और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है। लोग उद्धव बालासाहेब ठाकरे पर भरोसा करते हैं, क्योंकि उन्होंने बहुत कम समय में हमारा काम देखा है, जो हमें 2019 के राज्य विधानसभा चुनावों के बाद मिला।"
इलेक्टोरल बॉन्ड से ध्यान भटकाने के लिए केजरीवाल की गिरफ्तारी
इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “मीडिया में इस पर कितनी चर्चाएं हुई हैं? इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) नेता अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया।"
जब उनसे उनकी पार्टी को मिले बॉन्ड के बारे में पूछा गया, तो आदित्य ने कहा, "हमारे खाते खुले हैं। हमने बॉन्ड स्वीकार कर लिए हैं, लेकिन बीजेपी को कितने बांड मिले हैं, यह देखिए। बदले में, उन्होंने उन कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया, जो उन्हें बॉन्ड के जरिए पैसा देती थीं।"
नेताओं को लुभाने का नया तरीका ED, CBI और IT
ठाकरे ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर (IT) विभाग के समन को "नेताओं को लुभाने का नया तरीका" करार दिया।
उन्होंने कहा, “यह 2022 में शिवसेना के साथ हुआ और बाद में 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ हुआ। उन्होंने नेताओं पर एजेंसियों का दबाव डालकर दो पार्टियों को तोड़ दिया। BJP दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ शामिल होने के लिए मजबूर कर रही है और वॉशिंग मशीन बनकर बाद में उन्हें क्लीन चिट दे रही है।"
आदित्य ने आगे कहा, "संजय राउत, अनिल देशमुख, अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन जैसे बहादुर नेता अभी भी लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) के लिए मुंबई से शिव सेना यूबीटी के उम्मीदवारों में से एक अमोल कीर्तिकर का उदाहरण लें। वो ED और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) (कथित खिचड़ी घोटाले में) का सामना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक उम्मीदवार के रूप में नागरिकों का भी सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। हमारी पार्टी के पदाधिकारी सूरज चव्हाण को सलाखों के पीछे डाल दिया गया। अमोल को पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इस मामले में मुख्य व्यक्ति संजय म्हशेलकर थे, जो शिंदे सेना के साथ हैं। उन्हें किसी ने नहीं छुआ है। ED, IT और CBI बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तीन गठबंधन सहयोगी हैं।"
'पुत्र मोह' पर तंज
हाल ही में बीजेपी नेता अमित शाह ने महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान बयान दिया था कि शिवसेना और NCP में फूट के पीछे बीजेपी का हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह "उद्धव का पुत्र मोह और शरद पवार का पुत्र मोह था, जिसके कारण पार्टियां विभाजित हो गईं।"
ठाकरे ने जवाब दिया, “BJP की 'फूट डालो और राज करो' नीति मेरी पार्टी में विभाजन के लिए जिम्मेदार है। हमने देखा है कि कैसे उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेता नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की जमी-जमाई सरकार को तोड़ दिया। महाराष्ट्र में राजनीति इतनी नीचे कभी नहीं गई। उन्होंने हाल ही में पवार परिवार और उनकी पार्टी को भी तोड़ दिया। यह नई भाजपा है, यह अटल बिहारी बाजपेयी की बीजेपी नहीं है, जिनके साथ हमारे हमेशा अच्छे संबंध और मित्रता रही है। यह बीजेपी उन सभी नेताओं को दूसरे दलों से ले रही है, जिनके खिलाफ तत्कालीन शिवसेना और बीजेपी ने लड़ाई लड़ी थी। यह उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है और उन पर नए नेताओं को थोप रही है।”
'ठाकरे गारंटी' पर बोले आदित्य
यह पूछे जाने पर कि सेना UBT BJP के घोषणापत्र में 'मोदी की गारंटी' का मुकाबला कैसे कर रही है? ठाकरे ने कहा, "किसी को देश में सर्वे करना चाहिए और देखना चाहिए कि नोटबंदी के बाद क्या हुआ। GST के पैसे का क्या हो रहा है? महाराष्ट्र में सिर्फ 'ठाकरे गारंटी' चलती है। लोग उद्धव ठाकरे पर भरोसा करते हैं, क्योंकि उन्होंने हमारा काम देखा है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने किसानों का कर्ज माफ करके उनकी मदद की है और तटीय सड़क और MTHL समुद्री पुल जैसी बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट की मदद से शहरों का विकास किया है। ये सब उद्धव बाला साहेब ठाकरे की गारंटी के उदाहरण हैं। उत्तर प्रदेश (UP) और गुजरात के उलट, महाराष्ट्र में लोगों को Covid-19 के समय में बेड मिल रहे थे।"
MVA में मनमुटाव?
जब उनसे लोकसभा चुनाव से पहले MVA गठबंधन के बीच मतभेद और जनता पर इसके असर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “किसी भी गठबंधन में मनमुटाव होता है। सीटों पर सौदेबाजी होनी चाहिए, क्योंकि इससे पता चलता है कि किस पार्टी ने किस तरह की तैयारी की है। हमारे गठबंधन ने 90% उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। 'गद्दार गैंग' अभी भी कई सीटों पर उम्मीदवार उतारने के लिए संघर्ष कर रहा है। वे इतने डरे हुए हैं कि पिछले 2.5 साल में उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव भी नहीं कराए। दो साल से ज्यादा समय तक राज्य में दो लोकसभा उपचुनाव नहीं हुए।"