Loksabha Election 2024: इस लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) में ये सवाल कई बार उठा और अब तक उठ रहा है कि आखिर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अमेठी से चुनाव क्यों नहीं लड़ रहे हैं? 2019 से पहले कभी कांग्रेस का गढ़ रही ये सीट अब बीजेपी के पास है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी भी अमेठी (Amethi) और रायबरेली (Raebareli) से अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। BJP ने इस सीट से इस बार भी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को ही मैदान में उतारा है। अब राहुल से पत्रकारों ने ये सवाल पूछा कि आखिर उन्होंने अमेठी को क्यों छोड़ दिया? राहुल ने इस पर क्या जवाब दिया वो भी आपको बताएंगे।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने गुरुवार (17 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अखिलेश यादव दोनों मौजूद रहे।
राहुल से जब एक पत्रकार ने पूछा कि लोग तो PM बनने के लिए गुजरात से बनारस आते हैं, आप वायनाड चले गए, तो अमेठा या रायबरेली से आप चुनाव लड़ेंगे? इस पर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखिए ये बीजेपी वाला सवाल है, पहले ही ऑपनिंग बॉल और बीजेपी का सवाल। शाबाश!"
हालांकि, फिर ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, "देखिए आपने अमेठी की बात की। हालांकि, मुझे जो भी आदेश मिलेगा, मैं उसका पालन करूंगा। हमारी पार्टी में कांग्रेस चुनाव समिति (CEC) की बैठक में इस पर फैसला लिया जाता है। लेकिन पहला बीजेपी का सवाल, शाबाश, धन्यवाद।"
राहुल गांधी को अमेठी से लड़ने की चुनौती देती हैं स्मृति ईरानी
अमेठी की मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस बार भी अपनी जीत को लेकर काफी कॉन्फिडेंस में हैं और वे कई मौकों पर राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती देते भी आई हैं।
हाल ही में उन्होंने एक बार फिर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमेठी के लोगों की अनदेखी करने का आरोप और संसदीय क्षेत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाया।
बीजेपी नेता ने कहा, "आप सभी ने देखा होगा कि राहुल गांधी ने अपना नामांकन दाखिल किया और लिखित रूप में घोषणा की कि वायनाड उनका परिवार है। वहां तक तो सब ठीक था। फिर हमने कर्नाटक के एक नेता से सुना कि राहुल गांधी ने कहा कि वायनाड के लोग ज्यादा वफादार हैं।”