Loksabha Election 2024: चुनाव प्रचार पर रोक लगने के बाद नहीं कर सकते ये काम, नियम तोड़ने पर मिलेगी बड़ी सख्त सजा

Loksabha Election 2024: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के अनुसार, इन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होने से 48 घंटे पहले सभी उम्मीदवारों के प्रचार पर रोक लग जाती है और ये रोक मतदान से दो दिन पहले शाम 6 बजे से शुरू होकर मतदान वाले दिन वोटिंग खत्म होने तक यानि शाम 6 बजे तक लागू रहती है

अपडेटेड Apr 24, 2024 पर 6:15 AM
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Loksabha Election 2024: चुनाव प्रचार पर रोक लगने के बाद नहीं कर सकते ये काम

Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के दूसरे चरण (Second Phase) के लिए 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। इससे पहले नियमों के अनुसार, 24 अप्रैल यानि बुधवार शाम 6 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लग जाएगी। आम चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) के 89 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा। लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह 8 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे खत्म होगा।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के अनुसार, इन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होने से 48 घंटे पहले सभी उम्मीदवारों के प्रचार पर रोक लग जाती है और ये रोक मतदान से दो दिन पहले शाम 6 बजे से शुरू होकर मतदान वाले दिन वोटिंग खत्म होने तक यानि शाम 6 बजे तक लागू रहती है। ये तो हम सभी जानते हैं कि कोई भी चुनाव हो, मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लग जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन 48 घंटों में किस-किस तरह की रोक होती है, तो आइए डालते हैं एक नजर:

इन 48 घंटों में ये काम नहीं कर सकते:


1. चुनाव से जुड़ी कोई सार्वजनिक सभा या जुलूस नहीं कर सकते, न ही उसमें उपस्थित हो सकते और न ही ऐसे किसी कार्यक्रम में संबोधित या भाषण दे सकते हैं।

2. सिनेमा, फिल्म, टेलीविजन या वैसे ही दूसरे किसी मीडिया के जरिए जनता के सामने प्रचार या उससे जुड़ी कोई बात नहीं कर सकते।

3. कोई संगीत समारोह या कोई नाट्य अभिनय या कोई दूसरे मनोरंजन या आमोद-प्रमोद जनता के सदस्यों को उसके प्रति आकर्षित करने की दृष्टि से, आयोजित करके या उसके आयोजन की व्यवस्था करके, जनता के सामने चुनाव संबंधी बात का प्रचार नहीं कर सकते।

4. कोई भी राजनैतिक व्यक्ति जो उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता या अभ्यर्थी नहीं है, इसके अलावा सांसद या विधायक नहीं है, वो उस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद नहीं ठहर सकता।

5. राज्य की सुरक्षा कवच प्राप्त राजनैतिक व्यक्ति (अभ्यर्थी से अलग) अगर निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है, तो वो अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद इलाके में घूमेगा फिरेगा नहीं।

6. इस दौरान अंतरराज्यीय सीमाएं भी सील रहेंगी।

7. जहां चुनाव होने हैं, उन क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर रोक के साथ ड्राई डे रहेगा।

8. प्रिंट मीडिया में राजनैतिक विज्ञापनों जांच के बाद ही छापा जा सकेगा।

9. ओपिनियन पोल या दूसरे पोल सर्वे के प्रसारण पर रोक रहेगी। साथ ही, एग्जिट पोल के परिणामों को समाचार पत्रों में प्रकाशित या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित करना या दूसरे किसी तरीके से प्रचार-प्रसार करने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।

10. एग्जिट पोल पर यह रोक लोकसभा चुनाव के 7वें चरण के मतदान दिवस 1 जून को शाम 6:30 बजे तक जारी रहेगी। निर्वाचन मशीनरी और पुलिस प्रशासन सुनिश्चित करेंगे कि सामुदायिक केंद्रों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाऊस, लॉज, होटलों आदि में ठहरे हुए बाहरी व्यक्तियों की जानकारी और वैरिफिकेशन किया जाए, और बाहर से आने वाली गाड़ियों पर भी निगरानी रखी जाए और उनकी चैंकिंग भी की जाए।

कोई व्यक्ति अगर इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो दो साल तक कारावास या जुर्माना या दोनों की सजा होगी।

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