Loksabha Election 2024: वरुण गांधी को कांग्रेस का खुला न्योता, लेकिन BJP ने फंसाया ऐसा पेंच, बिगड़ सकता है पूरा खेल

Loksabha Election 2024: संजय गांधी के बेटे वरुण गांधी पहली बार 2009 में लोकसभा में पहुंचे थे, जब उन्होंने पीलीभीत से जीत हासिल की थी। 2014 में, उन्होंने सुल्तानपुर से आम चुनाव लड़ा, जबकि उनकी मां मेनका को पीलीभीत से मैदान में उतारा गया था। इस बार BJP ने उनकी जगह UP सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद को टिकट दिया है

अपडेटेड Mar 26, 2024 पर 8:51 PM
Loksabha Election 2024: BJP ने इस वरुण गांधी का टिकट काट दिया है, जबकि उनकी मां मेनका गांधी को फिर से सुलतानपुर से उम्मीदवार बनाया

Loksabha Election 2024: कांग्रेस (Congress) ने आखिरकार खुलकर बीजेपी नेता और पीलीभीत (Pilibhit) से मौजूदा सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) को पार्टी में आने का न्योता दे दिया है। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने मंगलवार को उन्हें कांग्रेस में आना का खुला निमंत्रण दिया। BJP ने हाल ही में पीलीभीत से वरुण का इस बार टिकट काट दिया, जिसके बाद उन्हें ये ऑफर आया है। चौधरी ने वरुण को दबंग नेता बताया और कहा कि वह साफ छवि वाले 'विद्वान व्यक्ति' हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को दावा किया कि गांधी परिवार से संबंध के कारण BJP ने वरुण गांधी को लोकसभा टिकट नहीं दिया। इसी के साथ उन्होंने वरुण को कांग्रेस में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

अधीर रंजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "वह एक दबंग नेता और बहुत पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं। उनकी साफ-सुथरी छवि है। वरुण गांधी का गांधी परिवार से कनेक्शन है। यही कारण है कि BJP ने उन्हें (लोकसभा चुनाव के लिए) टिकट देने से इनकार कर दिया। मुझे लगता है कि उन्हें (कांग्रेस में शामिल होना चाहिए) आना चाहिए, हमें बहुत खुशी होगी।"


अपनी ही सरकार रहे आलोचक

वरुण गांधी की जगह उत्तर प्रदेश के मंत्री जितिन प्रसाद को पीलीभीत से लोकसभा उम्मीदवार बनाया गया। उनकी मां मेनका को बीजेपी ने एक बार फिर सुल्तानपुर से मैदान में उतारा है।

वरुण और कांग्रेस नेता राहुल गांधी चचेरे भाई हैं। पीलीभीत से दो बार लोकसभा सांसद रहे वरुण पिछले कई समय से अक्सर केंद्र और उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकारों की खुलकर आलोचना करते आए हैं।

हालांकि, पिछले कुछ दिनों में वरुण गांधी के तेवर में कुछ नरमी आई है, BJP नेताओं के साथ मंच साझा किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की थी।

सपा या निर्दलीय भी ऑप्शन

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्की समाजवादी पार्टी भी वरुण को अपने साथ लाने के लिए तैयार दिख रही है। क्योंकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कह चुके हैं, "हमारे दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं।"

कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि वरुण गांधी इस बार निर्दलीय लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2024) मैदान में उतर सकते हैं। कुछ दिन पहले वरुण द्वारा ने चुनाव के लिए नामांकन पत्र के चार सेट खरीदे, जिसके बाद अटकलें तेज हो गई थीं।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, वरुण गांधी के प्रवक्ता एम.आर. मालिक ने बताया कि गांधी के निर्देश पर उन्होंने नामांकन पत्रों के चार सेट खरीदे हैं, जिनमें दो हिंदी और दो सेट अंग्रेजी भाषा में हैं।

यहां फंसा है पेंच

अटकलें तो ये भी हैं कि अगर वरुण गांधी कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उन्हें वो अमेठी से मैदान में उतार सकती है, क्योंकि राहुल गांधी इस बार सिर्फ वायनाड से ही दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि अमेठी के स्थानीय कांग्रेस नेताओं की मांग है कि पार्टी यहां गांधी परिवार से ही किसी सदस्य को चुनाव लड़ाए। कांग्रेस ने अभी अमेठी से किसी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

कई राजनीतिक जानकारों के अनुसार, BJP ने वरुण की मां और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को सुल्तानपुर लोकसभा सीट से फिर से उम्मीदवार बनाकर, वरुण के कांग्रेस में जाने के रास्ते को मुश्किल और रुकावट भरा बना दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है, "वरुण गांधी अपनी बात कहने के लिए जाने जाते हैं। वह केंद्र और राज्य में अपनी ही सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं। उनके अगले कदम की भविष्यवाणी करना मुश्किल है।" हालांकि, UP बीजेपी के नेताओं का कहना है कि इस सब के लिए वरुण खुद जिम्मेदार हैं।

पीलीभीत में पहले ही चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। यहां 20 मार्च से ही नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

वरुण गांधी ने राहुल गांधी की तारीफ की

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