Maharashtra Lok Sabha Elections Date 2024: देश में आम चुनावों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव आयोग (EC) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। देशभर में चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक चलेंगे। साथ ही 4 जून को नतीजे भी आ जाएंगे। महाराष्ट्र में इस बार पांच चरण में चुनाव होगा। सीटों की बात करें, उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा लोकसभा सीट हैं। राज्य की 48 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग 19 अप्रैल से शुरू होगी। महाराष्ट्र की एक खास बात ये है कि यहां ज्यादातर चुनाव स्थानीय मुद्दों पर होता है। साथ ही महाराष्ट्र उन राज्यों में से एक है, जहां भारी जीत दर्ज करना काफी मुश्किल है।
सबसे ज्यादा लोकसभा सीट के साथ महाराष्ट्र देश का दूसरा बड़ा राज्य है, तो ऐसे में इसकी अहमियत सभी राजनीतिक दलों के लिए और भी बढ़ जाती है। क्योंकि इसमें किसी भी लोकसभा चुनाव में विषम परिस्थितियों में विजेता का फैसला करने की ताकत है।
वहीं अगर पार्टियों की बात करें, तो कई राज्य स्तरीय पार्टियों के साथ-साथ, महाराष्ट्र कुछ बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों जैसे भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का भी गढ़ है।
2019 लोकसभा चुनाव का क्या था शेड्यूल?
आगे बढ़ने से पहले जान लेते हैं कि पिछले यानि 2019 के आम चुनाव में महाराष्ट्र के लिए क्या शेड्यूल था। मतलब कि राज्य में कितने चरण में वोटिंग हुई थी। चुनाव आयोग ने 10 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। महाराष्ट्र में आम चुनाव 11 अप्रैल 2019 से चार चरणों में हुए थे।
वोटों की गिनती 23 मई, 2019 को पूरे देश में एक साथ की गई थी। महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। आदर्श आचार संहिता 10 मार्च की शाम से लागू हुई और 11 अप्रैल को मतदान के बाद 23 मई को मतगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रही।
महाराष्ट्र में कैसे हैं राजनीतिक समीकरण?
2019 के चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने NDA में बीजेपी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP और कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। मगर इस बार NCP और शिवसेना को बीजेपी का समर्थन तो मिलेगा, लेकिन उसमें न उद्धव ठाकरे होंगे और न ही अजित पवार।
इस बार महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP दोनों के ही दो हिस्से हो गए। बड़ी बात ये है कि पार्टी का असली नाम और चिन्ह बागियों के पास चला गया। जैसे असली शिवसेना और उसका चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे खेमे को मिल गया, जबकि उद्धव ठाकरे को नया नाम - शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे और नया चुनाव चिन्ह- मशाल मिला। इसके पीछे बहुत लंबा कानूनी विवाद भी है।
इसी तरह भतीजे अजित पवार ने चाचा शरद पवार से बगावत की बीजेपी से जा मिले। अब चुनाव आयोग ने अजित गुट को ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी माना और उसका चुनाव चुन्ह 'घड़ी' भी उन्हें दे दिया। वहीं शरद पवार की पार्टी को एक नया नाम- NCP-शरदचंद्र पवार दिया गया।
जहां नई बनी शिव सेना और NCP NDA गठबंधन का हिस्सा होंगी, तो वहीं पुरानी शिव सेना और NCP, I.N.D.I.A. गठबंधन का हिस्सा हैं।