मोदी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर का किया कायापलट, 10 साल में ₹10 लाख करोड़ से अधिक डूबा कर्ज वसूला: निर्मला सीतारमण

Bad Loans Recovery: वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने NPA की पहचान करने के लिए कॉम्प्रिहैन्सिव 4R स्ट्रैटेजी लागू की है, जो कि रिजॉल्यूशन एंड रिकवरी, PSB की रिकैपिटलाइजिंग, और रिफॉर्म्स है। दिसंबर 2023 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 15,183 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस कर दी गई। मोदी सरकार बैंकिंग प्रणाली को मजबूत और स्थिर करने के लिए निर्णायक कदम उठाना जारी रखेगी

अपडेटेड May 31, 2024 पर 2:49 PM
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प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 1,105 बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार ने विभिन्न सुधारों और बेहतर गवर्नेंस के जरिए बैंकिंग सेक्टर का कायापलट किया है। इसके दम पर बैंकों ने 2014 से 2023 के बीच 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के डूबे हुए कर्ज यानि बैड लोन्स की वसूली की है। यह बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 1,105 बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच की है। इसके परिणामस्वरूप 64,920 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय जब्त की गई है। दिसंबर 2023 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) को 15,183 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस कर दी गई।

सीतारमण ने लिखा, ‘‘हाल ही में, भारत के बैंकिंग क्षेत्र ने 3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करते हुए अपना अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। ​​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और निर्णायक नेतृत्व के दम पर बैंकिंग क्षेत्र का कायापलट हुआ। हमारी सरकार ने व्यापक और दीर्घकालिक सुधारों के जरिए बैंकिंग क्षेत्र में संप्रग सरकार के पापों का प्रायश्चित किया।’’ उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने डूबे हुए कर्ज (खासकर बड़े डिफॉल्टर से) की वसूली में कोई ढील नहीं बरती और यह प्रक्रिया जारी है।

बताया ‘राइट-ऑफ’ और माफी के बीच अंतर


वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘यह दुख की बात है कि विपक्षी नेता अब भी ‘राइट-ऑफ’ और माफी के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार ‘राइट-ऑफ’ के बाद बैंक सक्रिय रूप से डूबे हुए कर्ज की वसूली करते हैं। किसी भी उद्योगपति के ऋण को माफ नहीं किया गया है। 2014 से 2023 के बीच बैंकों ने बैड लोन्स से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है।’’

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बैंकिंग सेक्टर के कुप्रबंधन के लिए संप्रग पर फोड़ा ठीकरा

इस क्षेत्र के कुप्रबंधन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) संकट के बीज संप्रग काल में फोन बैंकिंग के जरिए बोए गए थे, जब संप्रग नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के दबाव में अयोग्य व्यवसायों को लोन दिए गए।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘मोदी सरकार हमारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूत और स्थिर करने के लिए निर्णायक कदम उठाना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि बैंक 2047 तक विकसित भारत के वृद्धि पथ पर भारत का सपोर्ट करें।’’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने NPA की पहचान करने के लिए कॉम्प्रिहैन्सिव 4R स्ट्रैटेजी लागू की है, जो कि रिजॉल्यूशन एंड रिकवरी, PSB की रिकैपिटलाइजिंग, और रिफॉर्म्स है।

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