PM Modi का अगला स्टेप 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा', क्या BJP भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कदम उठाएगी?

पीएम मोदी ने कहा कि हम टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन युग में हैं टेक्नोलॉजी डिसरप्टिव, ट्रांसफॉर्मेटिव और आसानी से उपलब्ध है यह भ्रष्टाचार पर जीरो-टॉलरेंस के संबंध में बड़े पैमाने पर गुंजाइश देता है

अपडेटेड May 25, 2024 पर 9:41 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संकल्प दिखाने के लिए 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' वाली बात बोलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि अगला कदम भ्रष्टाचारियों ने जो चुराया है उसे वापस लेना और उन गरीबों को वापस करना होगा जिनसे उन्होंने चुराया है। न्यूज 18 चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि हम जिस टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन युग में रहते हैं, वह भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने की बड़े पैमाने पर गुंजाइश देता है।

भ्रष्टाचार पर जीरो-टॉलरेंस

पीएम मोदी ने कहा कि हम टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन युग में हैं। टेक्नोलॉजी डिसरप्टिव, ट्रांसफॉर्मेटिव और आसानी से उपलब्ध है। यह भ्रष्टाचार पर जीरो-टॉलरेंस के संबंध में बड़े पैमाने पर गुंजाइश देता है। संभावित तीसरे कार्यकाल में 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के संकल्प के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि 'ना खाता हूं, ना खाने देता हूं' हमेशा रहेगा, लेकिन अब मैं इसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि जिसने खाया है उसे निकालूंगा और जिसका गया है उसको खिलाऊंगा।


मजबूत विपक्ष ना होने का अफसोस

इंटरव्यू में पीएम मोदी ने पिछले 10 वर्षों में उनके खिलाफ 'मजबूत विपक्ष' नहीं होने पर भी अफसोस जताया। पीएम बोले,  'लोकतंत्र में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक मजबूत विपक्ष हो, जो सरकार को तलवार की धार पर और उसके पैर की उंगलियों पर रखता है, ऐसा विपक्ष बहुत आवश्यक है। इस देश में प्रतिभा की कमी नहीं है और उन्हें मौका मिलना चाहिए। मैंने सोचा था कि 2014 से 2024 तक मुझे एक मजबूत विपक्ष मिलना चाहिए था, अगर मेरे जीवन में एक चीज की कमी है तो वह है एक अच्छे विपक्ष की।'

कांग्रेस ने 60 साल कुछ नहीं किया

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस से कोई पॉजिटिव योगदान नहीं मिला। वह बोले,'उन्होंने 60 साल तक सरकार चलाई है, इसलिए मैंने सोचा कि मैं उनसे बाहर निकलने के लिए सलाह मांगूंगा ताकि मुझे मदद मिल सके। जब तक प्रणब मुखर्जी थे, तब तक मुझे उनसे लाभ होता था क्योंकि वे अपने अनुभव शेयर करते थे। लेकिन विपक्ष से मुझे कोई फायदा नहीं मिला। मुझे केवल अपनी पार्टी के सहयोगियों और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने अनुभव से लाभ हुआ।'

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।