महाराष्ट्र में क्या करने जा रहे हैं शरद पवार? CM एकनाथ शिंदे, डिप्टी CM देवेंद्र फड‍णवीस और अजित पवार को खाने पर बुलाया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने डिप्टी देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के साथ पुणे जिले के बारामती शहर में विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज के परिसर में एक नौकरी मेले, 'नमो महारोजगार मेलावा' में भाग लेंगे। इस दौरान ही तीनों नेता शरद पवार के घर पर लंच के लिए जाएंगे। ये तीनों ही नेता शरद पवार के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं

अपडेटेड Mar 01, 2024 पर 12:17 AM
शरद पवार महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A. का एक अहम हिस्सा हैं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-Sharadchandra Pawar) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde), उपमुख्यमंत्रियों देवेंद्र फड‍णवीस (Devendra Fadnavis) और अजित पवार (Ajit Pawar) को दो मार्च अपने आवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया है। सीनियर पवार ने बारामती में तीनों नेताओं के दौरे के बीच ये लंच रखा है। शिंदे, फडणवीस और अजित पवार पुणे जिले के बारामती शहर में स्थित विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज परिसर में एक रोजगार मेला, 'नमो महारोजगार मेलावा' में शिरकत करेंगे।

NCP में फूट के बाद शरद पवार ने पहली बार शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को सार्वजनिक रूप से आमंत्रित किया है। शिंदे, फडणवीस और अजित पवार को भेजे गए निमंत्रण (28 फरवरी को लिखे पत्र के एक हिस्से) में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह और बारामती से सांसद उनकी बेटी सु्प्रिया सुले सांसदों के नाते इस सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा बनना चाहेंगे।

लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं अजित पवार?


न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस तरह की अटकलें हैं कि NCP में विभाजन के बाद अजित पवार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) में बारामती संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवारी पर विचार कर रहे हैं, जहां से उनकी चचेरी बहन सुले सांसद हैं।

शिंदे को लिखे पत्र में राज्यसभा सदस्य ने कहा कि विद्या प्रतिष्ठान के अध्यक्ष के रूप में उन्हें शैक्षणिक संस्थान के परिसर में मुख्यमंत्री का स्वागत करने में खुशी होगी।

शरद पवार ने शिंदे से फडणवीस और अजित पवार के साथ विद्या प्रतिष्ठान में कार्यक्रम के बाद बारामती में उनके आवास 'गोविंदबाग' पर भोजन के लिए उनके निमंत्रण को स्वीकार करने का आग्रह किया।

NCP में हुई फूट

अजित पवार और आठ और विधायकों ने पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद से NCP में फूट पड़ गई थी। शरद पवार ने साल 1999 में कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाई थी।

इसके बाद में चुनाव आयोग ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को असली NCP घोषित किया और उन्हें पार्टी का चिह्न ‘घड़ी’आवंटित किया था।

हालांकि, चुनाव आयोग ने शरद पवार खेमे को भी खाली नहीं छोड़ा और उन्हें NCP- शरदचंद्र पवार को ‘तुरहा बजाता हुआ व्यक्ति’ पार्टी चिह्न के रूप में आवंटित किया।

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