Tamil Nadu Lok Sabha elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए न्यूज 18 के ओपिनियन पोल डेटा के अनुसार, राज्य में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और उसके गठबंधन सहयोगियों को तमिलनाडु में 39 में से 30 लोकसभा सीटों पर कब्जा करने की उम्मीद है। बता दें कि I.N.D.I.A ब्लॉक DMK, कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK, MDMK, मक्कल निधि मय्यम, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और कोंगु देसा मक्कल काची शामिल है। सर्वे के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 5 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।
इसके अलावा अन्य के खाते में 4 सीटें जाने की उम्मीद है। अन्य में पूर्व सीएम दिवंगत जयललिता की पार्टी AIDMK को भी शामिल किया गया है। वोट शेयर की बात करें तो NDA को 13 प्रतिशत, I.N.D.I.A ब्लॉक को 51 फीसदी और अन्य को 36 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे सीट-बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत तेज हो रही है, DMK गठबंधन ने पहले ही अपने सहयोगियों और संबंधित सीट आवंटन का खुलासा कर दिया है। हालांकि, AIDMK ने अभी तक अपने सीट-बंटवारे का खुलासा नहीं किया है।
हालांकि संकेत पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) और देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) के साथ संभावित गठबंधन के सुझाव दिए हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि AIDMK ने पीएमके को 7 लोकसभा सीटें और डीएमडीके को 4 सीटों की पेशकश की है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है।
बिहार में भी NDA की प्रचंड जीत की संभावना
न्यूज 18 ओपिनियन पोल के मुताबिक, बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 38 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। जबकि कांग्रेस और उनके सहयोगी दल यानी I.N.D.I.A. गठबंधन सिर्फ 2 सीटों पर सिमट सकती है। सर्वे में दावा किया गया है कि बिहार में NDA को कुछ 58 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। जबकि I.N.D.I.A. गठबंधन 28 फीसदी वोट मिल सकते हैं। इसके अलावा अन्य को 14 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है।
कितने सीटों पर हुआ सर्वे?
लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों के ऐलान से पहले News18 ने देश का सबसे बड़ा ओपिनियन पोल (Opinion Poll 2024) किया है। इस सर्वे में देश के 21 राज्यों के कुल 518 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को कवर किया गया है। इस ओपिनियन पोल में कुल 1,18,616 से अधिक उत्तरदाताओं ने अपनी राय रखी। ये मतदाता करीब 95% लोकसभा सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो इसे देश के सबसे बड़े चुनावी सर्वे में से एक बनाते हैं।