ओवैसी के सामने सानिया मिर्जा को उतार सकती है कांग्रेस, स्टार टेनिस प्लेयर को लोकसभा चुनाव में हैदराबाद से मिल सकता है टिकट
Telangana Lok Sabha Elections हैदराबाद में आगामी लोकसभा चुनाव में सानिया मिर्जा की संभावित उम्मीदवारी की खबर ने शहर में हलचल मचा दी है। वर्तमान में ये सीट AIMIM के पास है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति फिलहाल अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पर विचार कर रही है और सभी की निगाहें सानिया मिर्जा की संभावित उम्मीदवारी पर हैं
MoneyControl News
अपडेटेड Mar 28, 2024 पर 2:35 PM
Telangana Lok Sabha elections: कांग्रेस कथित तौर पर टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को हैदराबाद से उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है
Telangana Lok Sabha Elections: हैदराबाद की राजनीति में कांग्रेस (Congress) एक नया गेम खेलने जा रही है। कांग्रेस पार्टी कथित तौर पर टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) को आगामी लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) के लिए अपना उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है। पार्टी चुनाव में उनकी लोकप्रियता और सेलिब्रिटी स्टेटस का फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति लोकसभा चुनावों के लिए बचे हुए उम्मीदवारों की लिस्ट को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में बैठक कर रही है, ऐसे में सानिया मिर्जा को टिकट दिए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
कांग्रेस पार्टी के सूत्र बताते हैं कि पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उनकी उम्मीदवारी के प्रस्ताव का समर्थन किया। अजहरुद्दीन के मिर्जा परिवार के साथ गहरे पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने 2019 में अपने बेटे मोहम्मद असदुद्दीन की शादी सानिया की बहन अनम मिर्जा से की है।
AIMIM का गढ़ है हैदराबाद
हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र में एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अलग-अलग डेमोग्राफिक्स है। यह ऐतिहासिक रूप से असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी का गढ़ रहा है।
हालांकि, इलाके में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव ने AIMIM के प्रभुत्व के लिए एक मुश्किल चुनौती खड़ी कर दी है, जिसने एक बड़ी चुनावी लड़ाई के लिए मैदान तैयार किया है।
हैदराबाद सीट का इतिहास
आखिरी बार कांग्रेस हैदराबाद से 1980 में जीती थी, जब के एस नारायण पार्टी के उम्मीदवार थे। 1984 में, सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी ने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और बाद में 1989 से 1999 तक AIMIM उम्मीदवार के रूप में हैदराबाद सीट जीती। उनके बाद उनके बड़े बेटे असदुद्दीन ओवैसी पार्टी का चेहरा बने और 2004 से इस सीट पर काबिज हैं।
2019 के लोकसभा चुनावों (Loksabha Elections 2024) में, असदुद्दीन को 5,17,471 वोट मिले, जो लगभग 59 प्रतिशत थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार फिरोज खान केवल 49,944 वोट ही हासिल कर सके। इस बार, कांग्रेस राज्य में अपनी जीत की छाप छोड़ना चाहती है और हैदराबाद में बढ़ते असर को भुनाना चाहती है।
हालांकि, कांग्रेस हैदराबाद में जीरो पर सिमट गई, खासतौर से हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली विधानसभा सीटों पर। पिछले नवंबर के विधानसभा चुनावों में, हैदराबाद संसद के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से छह पर AIMIM ने जीत हासिल की, जबकि एक BJP के खाते में गई।
सानिया की लोकप्रियता को भुनाना चाहती है कांग्रेस
हैदराबाद, कारवां, चारमीनार, चंद्रयानगुटा, याकूतपुरा और बहादुरपुरा AIMIM IMIM के पास रहे, जबकि BJP के टी राजा सिंह ने गोशामहल सीट पर अपना दबदबा बरकरार रखा।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि कांग्रेस की नजर सानिया मिर्जा की लोकप्रियता पर है। वह भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के तहत शहर की ब्रांड एंबेसडर भी थीं।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि कांग्रेस की नजर सानिया मिर्जा की लोकप्रियता पर है। वह भारत राष्ट्र समिति (BRS) की सरकार के समय शहर की ब्रांड एंबेसडर भी थीं।
सानिया को लेकर AIMIM को चिंता नहीं
वह महिला हैं और अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, इसलिए सभी तरह से उनकी उम्मीदवारी फिट बैठती है। AIMIM नेताओं ने संभावित उम्मीदवार के रूप में सानिया मिर्जा की रिपोर्टों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका मानना है कि हैदराबाद सीट AIMIM का गढ़ है।
हैदराबाद में सानिया मिर्जा की संभावित राजनीतिक डेब्यू को लेकर जनता काफी उत्साहित है। टेनिस में उनकी शानदार उपलब्धियों और वैश्विक पहचान ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं को उम्मीद दी है कि उनकी लोकप्रियता मतदाताओं, खासतौर से महिलाओं और युवाओं को पसंद आएगी और पार्टी की जीत की संभावना बढ़ जाएगी।
इसके अलावा उन्हें असदुद्दीन ओवैसी जैसे अनुभवी राजनेताओं से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो पहले से ही स्थानीय राजनीतिक क्षेत्र में खुद को स्थापित कर चुके हैं।