Loksabha Election Result: बेहद अहम हैं लोकसभा चुनाव नतीजों से मिले ये संकेत

बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार भले ही सरकार बनाने जा रहा हो, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में शानदार रिकवरी की है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में भी सत्ता बदली है। इन राज्यों में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी हुए थे

अपडेटेड Jun 05, 2024 पर 10:31 PM
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एक बार फिर से गठबंधन की राजनीति का दौर लौट चुका है।

बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार भले ही सरकार बनाने जा रहा हो, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में शानदार रिकवरी की है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में भी सत्ता बदली है। इन राज्यों में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी हुए थे।

हम आपको यहां लोकसभा चुनाव नतीजों से जुड़ी कुछ अहम तथ्यों के बारे में बता रहे हैं:

नीतीश, नायडू, NDA...एक बार फिर से गठबंधन की राजनीति का दौर लौट चुका है। बीजेपी के पास अब स्पष्ट बहुमत नहीं है। इस चुनाव में बीजेपी ने 240 सीटें जीती हैं। इसका मतलब है कि वह 272 के जादुई आंकड़े से दूर है और उसे जेडी(यू) के नीतीश कुमार औ टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू जैसे सहयोगियों पर निर्भर रहना होगा। पिछली बार 2009 में कांग्रेस के पास अपना बहुमत नहीं था, लेकिन यूपीए गठबंधन की मदद से पार्टी ने सरकार बनाई थी।


क्षत्रपों का उभार: चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर क्षेत्रीय नेताओं की अहमियत साबित की है, जिन्होंने एनडीए और इंडिया, दोनों गठबंधन में अहम भूमिका निभाई है। एनडीए में जेडी(यू) के नीतीश कुमार और टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू पर खास नजर होगी, क्योंकि सत्ता की चाबी उनके पास होगी। इसी तरह, इंडिया गठबंधन में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, डीएमके के एम. के. स्टालिन, शिव सेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे, शरद पवार के गुट वाली एनसीपी की परफॉर्मेंस काफी बेहतर रही है।

हिट रहे 'यूपी के लड़के': 2017 के विधानसभा चुनावों में फ्लॉप रहने के बाद 'यूपी के लड़कों' ने राजनीतिक रूप से बेहद अहम इस राज्य में सफलता हासिल की है। ट्रेंड्स से पता चलता है कि राम मंदिर का मुद्दा वोटरों के बीच नहीं चला। 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में 71 और 62 सीटें मिली थीं। इस बार के चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।

वोट शेयर में बड़ा बदलाव नहीं: लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 63 सीटों के नुकसान और कांग्रेस को 52 सीटों के फायदे के बावजूद दोनों मुख्य पार्टियों के वोट शेयर में 2019 के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं देखने को मिला है। बीजेपी को 2024 में 36.5 पर्सेंट वोट मिला था, जबकि 2019 में पार्टी का यह आंकड़ा थोड़ा ज्यादा यानी 37.3 पर्सेंट था। दूसरी तरफ, कांग्रेस के वोट शेयर में भी मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। 2019 में कांग्रेस का वोट शेयर 19.4 पर्सेंट था, जो 2024 में बढ़कर 21.2 पर्सेंट हो गया।

मुस्लिम बहुल सीटों पर एनडीए को लगा झटका: देश में लोकसभा की कुल 103 ऐसी सीटें हैं, जहां मुसलमान मतदाता कम से कम 20 पर्सेंट हैं। इनमें से 54 सीटों पर इंडिया गठबंधन को जीत मिली, जबकि 44 सीटें एनडीए के खाते में गईं। बीजेपी महज 37 ऐसी सीटों पर जीत पाई।

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