UP Loksabha Election: न NDA, न I.N.D.I.A. यूपी में बना ये नया गठबंधन, अखिलेश के PDA को PDM देगा चुनौती

UP Loksabha Election: अपना दल (कमेरावादी) नेता पल्लवी पटेल ने कहा, "2022 में गठबंधन हुआ था और उस गठबंधन का नतीजा यह हुआ कि समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिलीं और वोटिंग प्रतिशत 34% से ऊपर रहा, जिसे पाकर अखिलेश जी ने मान लिया कि पूरा वोट उनका है। उन्होंने बाकी सभी सहयोगियों को सिरे से खारिज कर दिया। हमने जनता की भावनाओं का सम्मान किया है और नया विकल्प दिया है और हमें पूरा भरोसा है कि जनता हमारा साथ देगी। स्वामी प्रसाद मौर्य बहुत मजबूत नेता हैं, उनके पास बहुत अनुभव है और उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। वह पहले से ही हमारे साथ हैं और जहां तक ​​उन्होंने सीटों की घोषणा की है, अगर वह चाहेंगे तो हम वहां प्रचार करेंगे

अपडेटेड Apr 01, 2024 पर 1:44 PM
UP Loksabha Election: अपना दल (कमेरावादी) और एआईएमआईएम ने किया गठबंधन, जल्द होगा सीटों का ऐलान

UP Loksabha Election: लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के लिए सियासी पारा चढ़ने के बीच उत्तर प्रदेश में एक नया गठबंधन सामने आया है। ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलाइंस’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन से नाराज होकर अलग हुए अपना दल (कमेरावादी) (Apna Dal Kamerawadi) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुस्लिमीन (AIMIM) ने रविवार को PDM (पिछड़ा, दलित, मुसलमान) न्याय मोर्चा बनाकर उत्तर प्रदेश में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गठबंधन का ऐलान किया। हालांकि, यह गठबंधन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है।

मुस्लिमों के रहनुमा अखिलेश से बेहतर ओवैसी


पल्लवी ने इस बात के भी संकेत दिए कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के मुकाबले बेहतर तरीके से मुसलमानों के हितों की रक्षा कर सकते हैं।

पल्लवी ने अखिलेश के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के नारे पर तंज करते हुए कहा कि PDA के 'A' अक्षर में कुछ भ्रम है। राजनीति में भ्रम नहीं पारदर्शिता होनी चाहिए। इसलिए 'A' के भ्रम को दूर करने के लिए हमने उन लोगों को जोड़ने का काम किया है, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक शोषण के शिकार हुए हैं।

उन्होंने दावा करते हुए कहा, "इस मोर्चे के बिना देश में कोई सरकार नहीं बनेगी।"

PDM कितनी सीटों पर लड़ेगा चुनाव?

हालांकि, नया गठबंधन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा इस बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है। AIMIM के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इसका ऐलान दो-तीन दिन में हो जाएगा।

पल्लवी ने कहा कि पहले PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) होता था और अब ओवैसी के आने के बाद 'M' का मतलब मुसलमान हो गया है। अगर ओवैसी की संगत का यह नतीजा है, तो इसमें बुराई क्या है?

गठबंधन को लेकर क्या बोले ओवैसी?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से जब पूछा गया कि क्या PDM 'अल्पसंख्यकों' के हितों की रक्षा कर सकता है, तो उन्होंने कहा, "मुरादाबाद (लोकसभा सीट) में देखिए क्या हुआ। एसटी हसन लोकसभा में पार्टी के नेता थे, और उनका अपमान किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आपने दो उम्मीदवारों को टिकट दिया। ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये डॉ हसन के शब्द हैं। इससे क्या संदेश जाता है? आप देख सकते हैं कि रामपुर में क्या हुआ। यह वास्तविकता है, और कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता।"

ओवैसी ने यह भी कहा कि इस लड़ाई को संसदीय चुनावों से आगे ले जाना होगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश के लोग PDM का समर्थन करेंगे।

सपा से क्यों नाराज हुआ अपना दल (कमेरावादी)

अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने पीडीएम न्याय मोर्चा के सभी दलों के पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव के लिए एकजुट होने और राजनीतिक संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया।

वर्तमान में पल्लवी पटेल कौशांबी जिले के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं।

अपना दल (कमेरावादी) ने 22 मार्च को आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कोई सीट नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई थी और कहा था कि ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन के नेताओं को साफ करना चाहिए कि वह अभी भी गठबंधन का हिस्सा है या नहीं।

उनका यह बयान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अपना दल (कमेरावादी) के साथ गठबंधन 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए था न कि लोकसभा चुनावों के लिए।

अपना दल की ये थी शिकायत

पल्लवी पटेल की पार्टी ने ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन से फूलपुर, मिर्जापुर और कौशांबी लोकसभा सीट देने का आग्रह किया था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया था।

इससे नाराज पल्लवी पटेल ने गत 22 मार्च को पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ''सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय स्तर पर ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन की मुख्य पार्टी कांग्रेस को बताना चाहिए कि वे अपना दल (कमेरावादी) के साथ क्या करने जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन बनाने वालों को साफ करना चाहिए कि हम इसका हिस्सा हैं या नहीं। बिहार में नीतीश कुमार (इंडिया ब्लॉक छोड़ने वाले जदयू नेता) के साथ जो हुआ, वही उत्तर प्रदेश में राजमाता कृष्णा पटेल (अपना दल-के अध्यक्ष) के साथ हो रहा है।''

पल्लवी पटेल ने 2022 का विधानसभा चुनाव सिराथू सीट से सपा के टिकट पर लड़ा था और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराया था।

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