Uttarkashi cloudburst: उत्तरकाशी में कुदरत का कहर! जानें कौन हैं उत्तराखंड के वो 3 IAS, जिन्हें मिली है रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान

Uttarkashi Cloudburst News: बाढ़ के कारण कई मकान और होटल भी तबाह हो गए। धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है। यह यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर बाद की इस घटना में कम से कम आधा गांव मलबे और कीचड़ में दब गया। बाढ़ के पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण तीन-चार मंजिला मकानों सहित आस-पास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं

अपडेटेड Aug 05, 2025 पर 11:27 PM
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Uttarkashi Cloudburst News: धराली गांव में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ़ आने से चार लोगों की मौत हो गई

Uttarkashi Cloudburst News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली गांव में मंगलवार (5 अगस्त) को बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ़ आने से चार लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब 60-70 लोग फंस गए। इसमें कुछ सेना के जवान भी हैं। बाढ़ के कारण कई मकान और होटल भी तबाह हो गएधराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है। यह यात्रा का प्रमुख पड़ाव हैअधिकारियों ने बताया कि दोपहर बाद की इस घटना में कम से कम आधा गांव मलबे और कीचड़ में दब गयाबाढ़ के पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण तीन-चार मंजिला मकानों सहित आस-पास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।

खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई। सेना के जवान भी घटनास्थल पहुंचकर बचाव कार्यों में जुट गए हैं। सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि सूचना मिलते ही सेना की आईब्रेक्स ब्रिगेड के जवानों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। पोस्ट में कहा गया है कि आपदा में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सेना ने कहा कि वह आपदा की घड़ी में लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि तेज गति से आया सैलाब एक ही पहाड़ी के दो अलग-अलग छोर से बहा...। एक धराली की ओर दूसरा सुक्की गांव की ओर...। सुमन ने बताया कि हर्षिल में मौजूद सेना की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन खराब मौसम और सड़कों के कारण अन्य स्थानों से टीम को पहुंचने में काफी मुश्किलें आई।

कौन हैं उत्तराखंड के वो 3 IAS, जिन्हें मिली है रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान

उत्तराखंड सरकार ने बाढ़ प्रभावित हिस्सों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए तीन सीनीयर IAS अधिकारियों को तैनात किया गया हैइनमें IAS अभिषेक रुहेला, मेहरबान सिंह बिष्ट और गौरव कुमार का नाम शामिल हैं। ये तीनों उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के साथ मिलकर धराली मे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभालेंगे। 2015 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक रुहेला इससे पहले उत्तरकाशी के DM के तौर पर जिले की संभाल चुके हैंIIT रुड़की से बीटेक कर चुके अभिषेक उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल हादसे के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन वाली अधिकारियों की टीम में शामिल थे


class="cf1">कमान

वहीं, मेहरबान सिंह बिष्ट 2016 बैच के IAS अधिकारी हैंवह साल 2024 में उत्तरकाशी के जिलाधिकारी रह चुके हैंफिलहाल वह देहरादून के मियांवाला स्थित हेड क्वार्टर में रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव के पद पर कार्यरत हैंइसके बाद तीसरा नाम है 2017 बैच के गौरव कुमार का...वह उत्तरकाशी में सीडीओ के पद पर रह चुके हैं। फिलहालव वह अभिषेक रुहेला, मेहरबान सिंह बिष्ट और उत्तरकाशी के मौजूदा DM प्रशांत आर्य के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में समन्वय बनाने का काम करेंगे

4 लोगों की मौत की पुष्टि

घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में 4 लोगों की दुखद मौत हुई है। बाढ़ में लापता हुए लोगों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन इस संख्या के अधिक होने की आशंका है, क्योंकि पानी के अचानक आने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिला

उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने पीटीआई को बताया कि 40 से 50 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी नहीं ली जा सकीं। उन्होंने कहा कि लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गईस्थानीय लोगों ने बताया कि धराली बाजार का एक बड़ा हिस्सा आपदा में बह गया है

अधिकारियों ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की टीम, भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम बचाव कार्य में युद्धस्तर पर लगी हैं।

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, "उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली हैराज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है"

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी से बात की और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सात बचाव दल भेजने का आदेश दिया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं और कीमती जानें बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में घायलों के लिए बेड रिजर्व रखे गए हैं। एंबुलेंस भी धराली पहुंच गई हैं।

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6 अगस्त को भी मौसम से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग (IMD) ने नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार और देहरादून समेत सात जिलों में भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।

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