बजट में ऐलान किए गए Disinvestment और Asset monetisation के रोडमैप को जल्द से जल्द पूरा करने में नीति आयोग जोर शोर से जुट गया है। सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक नीति आयोग चाहता है कि Disinvestment का जो काम 12 महीने में होता है उसे एक महीने में पूरे किए जाएं। इतना ही नहीं दूसरे मोर्चे पर भी तेजी लाने के लिए प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक Divestment और Asset Monetisation में तेजी लाने का प्रस्ताव है। विनिवेश पर नीति आयोग की सिफारिश सीधे कैबिनेट भेजने की वकालत हो रही है। सूत्रों के अनुसार नीति आयोग की सिफारिश देने 30 दिन के भीतर सभी जरूरी मंजूरी ली जाए।
वहीं कैबिनेट से मंजूरी के 10 दिन के भीतर एडवाइजर औऱ एसेट वैल्यूअर नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार एसेट मोनेटाइजेशन के लिए अगले महीने dashboard लॉन्च होगा। एसेट मोनेटाइजेशन के लिए independent professional agency की नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव है।
एसेट मोनेटाइजेशन का बिग प्लान
सरकार ने एसेट मोनेटाइजेशन से अगले साल तक 2.5 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। पावर ग्रिड, GAIL, HPCL, IOC के एसेट पर सरकार की नजर है। ये ट्रांसमिशन लाइन के एसेट है।
सरकार का रेलवे से 90000 करोड़ रुपये, रोड ट्रांसपोर्ट से 30000 करोड़ रुपये, पावर से 27000 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम से 17000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।