छोटे और मझोले शेयर 2020 की दूसरी छमाही से ही दिग्गज शेयरों की तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रहे है। यह अपने में काफी अहम है। करीब 2.5 साल के अंडरपरफॉर्म के बाद ना सिर्फ मार्च तिमाही में बल्कि 2021 में अब तक छोटे-मझोले शेयरों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है।
कंपनियों के अच्छे नतीजों और इकोनॉमी ग्रोथ में रिकवरी के साथ ही दलाल स्टीट में हर बाजार दिग्गज का मानना है कि आनेवाले समय में छोटे-मझोले शेयरों का यह शानदार प्रदर्शन जारी रहेगा।
मार्च तिमाही में बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 12.5 फीसदी और स्मॉल कैप इंडेक्स में 14 फीसीद की बढ़त देखने को मिली जबकि सेसेंक्स में 2021 में अब तक सिर्फ3.68 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। अगर 2021 के अब तक के आकंड़ों पर नजर डालें तो बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 18.3 फीसदी, स्मॉल कैप में 26.2 फीसदी और सेसेंक्स में 5.1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
ब्रॉडर मार्केट में ग्रोथ की संभावना को देखते हुए आशिष धवन, राकेश झुनझुनवाला, आशिष काचोलिया और डोली खन्ना ने चुनिंदा मिड , स्मॉल कैप , मिनि स्मॉल कैप और एसएमई स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी शुरु कर दी है।
मार्च 2021 में समाप्त तिमाही में आशिष धवन के पोर्टफोलियों में 16 स्टॉक थे जिनमें से 4 स्टॉक्स में उन्होंने दिसंबर तिमाही की तुलना में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इनमें Arvind Fashions, Glenmark Pharmaceuticals, HSIL और RPSG Ventures शामिल है।
इसी तरह राकेश झुनझुनवाला ने इस अवधि में 5 स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। जिनमें Fortis Healthcare, TV18 Broadcast, Jubilant Pharmova, Agro Tech Foods और Multi Commodity Exchange of India शामिल है।
डोली खन्ना ने भी दिसंबर तिमाही की तुलना में मार्च तिमाही में 4 स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसमें Butterfly Gandhimathi Appliances, KCP, NCL Industries और Talbros Automotive Components शामिल है। डोली खन्ना के पोर्टफोलियों में कुल 9 शेयर शामिल है और इनकी नेटवर्थ 238 करोड़ रुपये है।
बाजार दिग्गजों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के बाद देश की इकोनॉमी में जोरदार रिकवरी की उम्मीद को देखते हुए यह इक्विटी मार्केट में निवेश करने का सही समय है।
Validus Wealth के Rajesh Cheruvu का कहना है कि इतिहास हमें सीखाता है कि मार्केट को टाइम करना संभव नहीं है लेकिन सही समय पर निवेश करना हमेशा हमको अच्छे नतीजे देता है। उन्होंने यह भी कहा कि इक्विटी ही ऐसा निवेश विकल्प है जिसमें हमें आगे मंहगाई की तुलना में बेहतर रिटर्न मिलता है। लेकिनइसके लिए हमें लंबे समय के लिए निवेशित रहना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि गिरावट में शेयरों को बेचकर बाहर निकलना और बाजार में फिर से प्रवेश करने के लिए मौके की तलाश करना सही तरीका नही है। हमें हर गिरावट पर किश्तों में क्वालिटी शेयरों में निवेश करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि एक बार भारत में कोविड-19 की स्थिति सुधरने के बाद हमें तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी और कई सेक्टरों की लीडिंग कंपनियां हमें बेहतर रिटर्न देगी।