रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गर्वनर शक्तिकांत दास (SHAKTIKANTA DAS) ने बाजार के लिए बहुप्रतिक्षित RBI की CREDIT POLICY का आज ऐलान किया। इसके तहत उन्होंने कोई रेट कट नहीं किया है या कोई भी बदलाव नहीं किया हालांकि बाजार उनसे इसकी अपेक्षा भी कर रहा था। उन्होंने कहा कि सभी MPC सदस्य दरें बरकरार रखने के पक्ष में थे जिसकी वजह से आरबीआई द्वारा कोई भी बदलाव नहीं किया जा रहा है।
गर्नवर ने जीडीपी पर कहा कि FY22 में GDP ग्रोथ लक्ष्य 9.5% पर बरकरार है। वहीं FY22 के Q2 में GDP ग्रोथ लक्ष्य 7.9% रखा गया है। इसके बाद FY22 के Q3 में GDP ग्रोथ लक्ष्य 6.8% तय किया है जबकि FY22 के Q4 में GDP ग्रोथ लक्ष्य 6.1% निर्धारित किया गया है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई ने FY23 के Q1 में GDP ग्रोथ लक्ष्य 17.1% रखा है। इसके अलावा दाल कीमतें घटने का अनुमान है। जिसकी वजह से FY22 में रिटेल महंगाई दर अनुमान 5.3% तय किया है। Q2 FY22 में रिटेल महंगाई दर अनुमान 5.1% रखा है। वहीं Q3 FY22 में रिटेल महंगाई दर अनुमान 4.5% लगाया गया है।
RBI GOVERNOR ने कहा कि RBI का रिटेल महंगाई 4% के नीचे लाने का लक्ष्य है। इस बीच देखा गया है कि कुछ बैंक दर बढ़ा रहे हैं, कुछ घटा भी रहे हैं। जहां महंगाई ज्यादा वहां ब्याज दरों में बढ़त दिखी है।
इसके साथ ही आरबीआई ने कच्चे तेल की कीमतों पर पैनी नजर बनी हुई है। आरबीआई ने आर्थिक स्थिति के मुताबिक लिक्विडिटी पर फैसले लिये हैं। वहीं अक्टूबर में अब तक 9.5 लाख करोड़ रुपये की सरप्लस लिक्विडिटी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इसके आगे भी ऑपरेशन TWIST और OMO जारी रखेंगे।
ये लगातार 8वीं पॉलिसी है जब रिजर्व बैंक ने दरें नहीं बदली हैं या ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। MPC के सभी 6 सदस्य दरों में बदलाव के पक्ष में नहीं थे, हालांकि ACCOMMODATIVE रुख बरकरार रखने के पक्ष में 5 सदस्यों ने वोटिंग की थी।
पॉलिसी के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांता दास ने कहा कि महामारी के इस कठिन दौर में दुनिया की दूसरी इकोनॉमी के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से रिकवर कर रही है। उन्होंने महंगाई के काबू रहने की बात कही।