देश में अगले वर्ष सैलरी में अधिक बढ़ोतरी की वापसी हो सकती है। एडवाइजरी और सॉल्यूशंस फर्म विलिस टावर्स वॉटसन की रिपोर्ट में कहा गया है कि एंप्लॉयीज को आकर्षित करने और बरकरार रखने के लिए कंपनियां अगले वर्ष सैलरी में 9.3 प्रतिशत की औसत वृद्धि कर सकती हैं।
इस वर्ष सैलरी में औसत बढ़ोतरी लगभग 8 प्रतिशत रही है।
अगले वर्ष देश में सैलरी में औसत बढ़ोतरी का अनुमान एशिया पैसेफिक में सबसे अधिक है। अगले 12 महीनों में बिजनेस के लिए माहौल में तेजी से सुधार होने की उम्मीद है।
विलिस टावर्स वॉटसन की सैलरी बजट प्लानिंग रिपोर्ट के लिए मई और जून के बीच सर्वे किया गया था। इसमें एशिया पैसेफिक में 13 देशों से विभिन्न सेक्टर्स की लगभग 1,405 कंपनियां शामिल थी। इसमें भारतीय कंपनियों की संख्या 435 है।
इससे इकोनॉमी में रिकवरी की गति बढ़ने का संकेत मिल रहा है। हायरिंग को लेकर भी कंपनियों का रुख पॉजिटिव है। सर्वे में शामिल कंपनियों में से लगभग 30 प्रतिशत ने अगले 12 महीनों के दौरान हायरिंग करने पर सहमति जताई।
इंजीनियरिंग, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सेल्स और फाइनेंस जैसे फंक्शंस के लिए हायरिंग अधिक होने की संभावना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया पैसेफिक के अन्य देशों की तुलना में भारत में एट्रिशन की दर कम है। कंपनियों के लिए टैलेंट को आकर्षित करना और इसे बरकरार रखना एक चुनौती बना हुआ है। सैलरी में अगले वर्ष अधिक बढ़ोतरी होने का यह प्रमुख कारण होगा।