मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में मोतीलाल ओसवाल की Sneha Poddar ने कहा कि जिनको जोमैटो आईपीओ में शेयर नहीं मिले उनको निराश होने की जरुरत नहीं है। वह करेंट लेवल पर भी इस स्टॉक पर निवेश कर सकते हैं। या फिर किसी डीप में मौका मिलने पर इस शेयर में निवेश करें । आगे हमें इसमें 15-20 फीसदी का अपसाइड देखने को मिल सकता है।
मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होने कहा कि आईपीओ के बड़े साइज और मंहगे वैल्यूएशन के बाद भी यह आईपीओ 38 गुना भरा था। कल एक्सचेंज पर 53 फीसदी के जबरदस्त प्रीमियम के साथ 116 रुपये पर इसकी लिस्टिंग हुई। इंट्राडे में इसने 138 रुपये का हाई लगाया और कारोबार के अंत में 125 रुपये के आसपास बंद हुआ।
जोमैटो का यह शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है क्योंकि भारत में यह अपने तरह की खास बिजनेस है। कंपनी का सिर्फ एक ही तगड़ा प्रतिद्वंदी है। इसके अलावा देश में इस तरह के कारोबार की ग्रोथ की व्यापक संभावना है जिसका फायदा आगे कंपनी को मिलेगा। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि पिछले 3 साल में जोमैटो का एप्लीकेशन भारत में सबसे ज्यादा डाउनलोड करने वाला फूड एंड ड्रिंक एप है।
कंपनी एक बड़ी संभावनाओं वाले बाजार में कारोबार कर रही है। बता दें कि भारत के कुल फूड खपत का सिर्फ 8-9 फीसदी रेस्टॉरेंटस से होता है और इसमें से भी सिर्फ 8 फीसदी लोग ऑनलाइन फू़ड डिलीवरी का विकल्प अपनाते हैं। इस तरह से देखें तो अभी इस बाजार में व्यापक बहुत बड़ी ग्रोथ की संभावनाएं है।
उन्होंने आगे कहा कि Zomato को पहले पहल करने का फायदा हासिल है। इसके अलावा बढ़ते कारोबार के साथ ही कंपनी का घाटा कम होता नजर आ रहा है। हालांकि इस समय कंपनी के आगे के ग्रोथ के बारे में कुछ कहना मुश्किल है लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से अच्छा दांव साबित हो सकता है।