आज इंटरनेशनल क्लाइमेंट समिट INTERNATIONAL CLIMATE SUMMITको संबोधित करते हुए RELIANCE के चेयरमैन मुकेश अंबानी (MUKESH AMBANI) ने कहा कि इस समिट में बोलना मेरे लिए गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि भारत आत्मनिर्भर के लक्ष्य को हासिल करेगा। क्लाइमेट चेंज दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है। जलवायु परिवर्तन को नियंत्रण में रखना जरूरी है। इसके लिए हमें ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से जाना होगा। जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक समस्या है। इससे मिलजुल कर निपटना होगा।
भारत इस कोशिश में अपना अहम योगदान देने को तैयार है। ग्रीन पावर पर PM का फोकस दुनिया के लिए संदेश है। Fossil एनर्जी पर देश का भारी भरकम रकम खर्च होता है। मानव जाति के लिए जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती बन गई है। इस चुनौती से निपटने के लिए भारत न्यू एनर्जी में आत्मनिर्भर बनने की ओर है। भारत में न्यू ग्रीन रेवेल्यूशन की शुरुआत हो गई है। देश में ग्रीन एनर्जी में ग्लोबल लीडर बनने की संभावना है।
इस संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि विश्वभर में आज ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ा खतरा बन गया है। इससे बचने के लिए ग्रीन एनर्जी को अपनाना ही एकमात्र विकल्प है।
ग्रीन हाइड्रोजन Fossil Energy का बेहतर विकल्प है। हमें क्लीन, ग्रीन और न्यू एनर्जी के दौर में आना होगा। इसके ध्यान में रखकर ही RIL ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में काम कर रहा है। कंपनी की ग्रीन एनर्जी में अगले 3 साल में 75,000 करोड़ रुपए की निवेश की योजना है। एनर्जी प्रोडक्शन में भारत आत्मनिर्भर बनेगा। Hydrogen कीमत कुछ वर्षों में गिरने की उम्मीद है।
RIL 2035 तक नेट जीरो कार्बन कंपनी होगी। कंपनी की 2030 तक 100 GW रेन्यूएबल क्षमता सेटअप करने की योजना है। आगे एनर्जी प्रोडक्शन के लिए सोलर की भूमिका अहम होगी। पर्याप्त स्टोरेज, स्मार्ट मीटर से सोलर को मदद मिलेगी। कार्बन हटाने में ग्रीन हाइड्रोजन का अहम रोल होगा। इस सब बातों को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी आगे की योजना पर काम कर रही है।
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