Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 18 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook : निफ्टी मेटल में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि पीएसयू बैंक,रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। मिड कैप और स्मॉलकैप ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया। जबकि वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है
Market cues : ग्लोबल लेवल पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स ने AI-बेस्ड तेजी को रोक दिया है। बाजार की निकट भविष्य की दिशा भू-राजनीतिक घटनाओं से तय होगी
Market Outlook : शुक्रवार को मेटल,तेल से जुड़े शेयरों,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में कमजोरी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। पूरे सत्र के दौरान रुपये में लगातार बनी कमजोरी का असर बाजार के सेंटिमेंट पर बना रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 160.73 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 75,237.99 पर और निफ्टी 46.10 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 23,643.50 पर बंद हुआ। मार्केट की ब्रेथ भी कमजोर रही। आज 1,631 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,381 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मेटल में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि पीएसयू बैंक,रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। मिड कैप और स्मॉलकैप ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया। जबकि वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है। इसके विपरीत,IT,मीडिया और FMCG शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर लगातार लोअर टॉप बना रहा है,जो एक बेयरिश सेटअप का संकेत है। इंडेक्स को डेली टाइमफ्रेम पर 20 EMA और वीकली टाइमफ्रेम पर 50 EMA पर भी कड़ा रेजिस्टेंस मिल रहा है। इसके अलावा,ब्रेंट क्रूड की कीमतों में ब्रेकआउट के बाद वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX दिन के निचले स्तर से लगभग 9% ऊपर चढ़ गया है। RSI बेयरिश क्रॉसओवर में बना हुआ है और लगातार नीचे गिर रहा है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि नियर टर्म में Nifty के 23,500 से नीचे गिरने पर इंडेक्स में फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। नीचे की ओर, 23,500 से नीचे का ब्रेक इंडेक्स को 23,150 और उससे भी निचले स्तरों तक खींच सकता है। ऊपर की ओर 23,800 के एक अहम रेजिस्टेंस (शॉर्ट-टर्म पॉइंट ऑफ़ पोलैरिटी) के रूप में काम करते रहने की उम्मीद है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के मुताबिक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,500-23,450 के दायरे में है। इस दायरे से नीचे कोई भी टिकाऊ गिरावट निफ्टी की कमजोरी को 23,300 तक और उसके बाद नियर टर्म में 23,150 तक बढ़ा सकती है। वहीं,ऊपर की ओर निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23,800-23,850 के दायरे में है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि हाल की राहत रैली के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कमज़ोर रुपया और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। हालांकि,अच्छे वैल्यूएशन और Q4 के अच्छे नतीजे गिरावट को थामने का काम कर रहे हैं।
अब बाजार का फोकस उन संभावित राजकोषीय और मौद्रिक उपायों पर हो गया है,जिनसे रुपये को बचाया जा सके और भुगतान संतुलन (BoP) को स्थिर किया जा सके। ग्लोबल लेवल पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स ने AI-बेस्ड तेजी को रोक दिया है। बाजार की निकट भविष्य की दिशा भू-राजनीतिक घटनाओं से तय होगी।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में आई तेजी बाजार के अच्छे रुझान का संकेत थी। हालांकि,हफ़्ते अंतिम दौर में होने के कारण,बाज़ार में आज कंसोलीडेशन हुआ है। नीचे की तरफ 23,600 पर मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है,तो शायद बाजार पूरी तरह से तो न ढ़हे,लेकिन इससे कंसलीडेशन का दौर थोड़ा लंबा खिंच सकता है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि महंगाई के अनुमान और वैश्विक आर्थिक सुधार की गति को लेकर बनी अनिश्चितता की चिंताओं के चलते बाजार में कंसोलीडेशनदेखने को मिल सकता है,क्योंकि निफ्टी 23,900-24,000 के रेजिस्टेंस जोन के करीब पहुंच रहा है।
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