स्टॉक मार्केट के माहिर इनवेस्टर्स कहे जाने वाले रामदेव अग्रवाल का कहना है कि इनवेस्टमेंट को लेकर सलाह देने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मार्केट में 98 प्रतिशत तक स्पेक्युलेटर्स हैं और उनके लिए सलाह की जरूरत नहीं है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के को-फाउंडर अग्रवाल ने पिछले 35 वर्षों में कई कंपनियों में इनवेस्टमेंट कर एक वैल्यू इनवेस्टर का दर्जा हासिल किया है।
उन्होंने एक बिजनेस न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में नई जेनरेशन के इनवेस्टर्स को मार्केट का पूर्वानुमान लगाने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी। उनका कहना था कि स्पेक्युलेट करने के बजाय इनवेस्टर बनना बेहतर है।
अग्रवाल ने कहा कि किसी स्टॉक में इनवेस्टमेंट करने से पहले दो चीजों को देखना चाहिए। उन्होंने बताया, "दो प्रकार के बिजनेस होते हैं - अच्छा और खराब। इनवेस्टर्स को यह समझना होगा कि वे अच्छे बिजनेस की तलाश कर रहे हैं और केवल अच्छा बिजनेस ही बढ़ सकता है।"
उन्होंने बताया कि ING Vysya Bank ऐसा पहला स्टॉक था जिससे उन्हें 100 गुणा रिटर्न मिला था। अग्रवाल ने पिछले कई वर्षों में अपनी संपत्ति में वार्षिक 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह पिछले 20 वर्षों में निफ्टी के लगभग 15 प्रतिशत के कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट से लगभग दोगुनी है।
उन्होंने बताया कि इनवेस्टमेंट के बारे में वॉरेन बफेट के तरीकों से उन्हें काफी जानकारी मिली है।