दिल्ली के 12 सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को CCI से मिली बड़ी राहत, 10 साल पुरानी जांच हुई बंद

CCI ने कहा है कि इन 12 हॉस्पिटल्स पर डॉमिनेंट पोजिशन के गलत इस्तेमाल का कोई मामला नहीं बनता। CCI ने अब पूरे केस को उन्होंने बंद कर दिया है। CCI ने कई पैरामीटर पर इस मामले में जांच की थी। CCI ने अपना अंतिम फैसला देते हुए कहा है कि कोई व्यक्ति हॉस्पिटल के अंदर एक पूरा ट्रीटमेंट लेने के लिए जाता है

अपडेटेड May 22, 2026 पर 3:50 PM
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CCI ने कहा है कि इन 12 हॉस्पिटल्स पर डॉमिनेंट पोजिशन के गलत इस्तेमाल का कोई मामला नहीं बनता। CCI ने अब पूरे केस को उन्होंने बंद कर दिया है

कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के दिल्ली के 12 सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को बड़ी राहत दी है। CCI ने अपनी DG इन्वेस्टीगेशन की रिपोर्ट को पलटते हुए 10 साल पुरानी जांच को बंद कर दिया है। पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज संवाददाता असीम मनचंदा ने बताया कि यह साल 2015 का एक मामला है जिसमें विवेक शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने मैक्स पटपड़ गंज हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि एक बार अगर पेशेंट एडमिट हो जाता है तो पेशेंट को इन हाउस मेडिकल कंज्यूमबल्स और टेस्ट कराने के लिए बाध्य किया जाता है और दावाइयों पर एमआरपी से ज्यादा चार्ज किया जाता है। एमआरपी को भी जानबूझ कर ज्यादा रखा जाता है। इस मामले की जांच सीसीआई के डीजी इन्वेस्टिगेशन विंग ने की थी और उसके बाद डीजी इन्वेस्टिगेशन ने अपनी जांच की रिपोर्ट सौंपी। उसके बाद कहा गया कि और बाकी हॉस्पिटल्स को भी इस जांच के दायरे के अंदर लिया जाएगा। उसके बाद ये जांच करीबन 12 हॉस्पिटल के ऊपर की गई थी।

बाद अब CCI ने अपना अंतिम आदेश पारित किया है। CCI ने कहा है कि इन 12 हॉस्पिटल्स पर डॉमिनेंट पोजिशन के गलत इस्तेमाल का कोई मामला नहीं बनता। CCI ने अब पूरे केस को उन्होंने बंद कर दिया है। CCI ने कई पैरामीटर पर इस मामले में जांच की थी। CCI ने अपना फैसला देते हुए कहा है कि कोई व्यक्ति हॉस्पिटल के अंदर एक पूरा ट्रीटमेंट लेने के लिए जाता है। वह अलग-अलग चीजें लेने के लिए नहीं जाता। उसको एक पूरा ट्रीटमेंट दिया जाता है। इसलिए यहां पर डॉमिनेंट पोजिशन के गलत इस्तेमाल का केस नहीं बनता।

जिन अस्पतालों को इस फैसले से राहत मिली है उनमें मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पटपड़गंज, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल साकेत, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शालीमार बाग, बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मैक्स मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर पंचशील पार्क, मैक्स मल्टी स्पेशियलिटी सेंटर पीतमपुरा, फोर्टिस अस्पताल वसंत कुंज, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट, सर गंगा राम अस्पताल, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, बत्रा अस्पताल और मेडिकल रिसर्च सेंटर और सेंट स्टीफन अस्पताल जैसे दिल्ली और NCR के कई बड़े हेल्थकेयर ब्रांड शामिल हैं।


CCI के इस फैसले से अस्पतालों को बड़ी राहत मिली है। यह मामला काफी लंबे समय से चल रहा था और इससे अस्पतालों की रेप्युटेशन पर भी असर पड़ रहा था। अब केस बंद होने से इन प्राइवेट अस्पतालों के लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी। हालांकि, इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि अस्पतालों पर मरीजों से जुड़े दूसरे रेगुलेटरी नियम लागू नहीं होंगे। अस्पतालों को अब भी प्राइसिंग, ट्रांसपेरेंसी और पेशेंट सर्विस से जुड़े अलग-अलग नियमों का पालन करना होगा।

 

 

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