Suprajit Engineering Share Price: बेंगलुरु की ऑटो कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरर सुप्राजीत इंजीनियरिंग के शेयर फिलहाल लाल हैं लेकिन कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन K Ajith Kumar Rai के संकेतों पर यह उछल पड़ा था। अजीत कुमार ने इस साल और प्राइस हाइक का संकेत दिया है। अभी की बात करें तो वॉल्यूम के हिसाब से कंट्रोल केबल्स बनाने वाली दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी सुप्रीजीत इंजीनियरिंग के शेयर बीएसई पर 2.43% की गिरावट के साथ ₹478.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.80% की बढ़त के साथ ₹493.80 तक पहुंचा था, जिससे टूटकर यह ₹478.00 तक आ गया।
क्या संकेत दिया है Suprajit Engineering के चेयरमैन ने
पश्चिमी एशिया में अनिश्चितता के कारण कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही हैं और यह सुप्राजीत इंजीनियरिंग के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में कंपनी के चेयरमैन का कहना है कि अधिकतर बढ़ी हुई लागत दूसरी और तीसरी तिमाही बीच ग्राहकों को पास कर दिया जाएगा यानी कि कंपनी के प्रोडक्ट्स के भाव बढ़ने वाले हैं। कुछ बढ़ोतरी पहले ही लागू हो चुकी है, जबकि बाकी बढ़ोतरी अगली तिमाही में हो सकती है।
चेयरमैन के मुताबिक जैसे जीएसटी में बदलावों का भारतीय ऑटो इंडस्ट्री पर पॉजिटिव असर पड़ा और गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों की ग्रोथ 20% से अधिक रही, वैसी ही उम्मीद सुप्राजीत के बिजनेस से भी है। अजीत का कहना है कि उनकी कंपनी का देशी-विदेशी बिजनेस अभी काफी मजबूत है। कंपनी का ग्लोबल केबल्स मार्जिन पिछले साल की तिमाहियों में 5-6% से उछलकर अब 12% पहुंच गया।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
सुप्राजीत इंजीनियरिंग के शेयरों ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 23 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹389.80 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से पांच ही महीने में यह 43.41% उछलकर 10 अगस्त 2026 को ₹559.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।