सीमेंट दिग्गज ACC ने पेश किए Q2 नतीजे, अंबुजा सीमेंट्स के साथ मर्जर को लेकर आया बड़ा अपडेट!
ACC का Q2 FY27 में नेट प्रॉफिट जून तिमाही के मुकाबले 32 फीसदी घटकर 101 करोड़ रुपये रह गया। रेडी-मिक्स कंक्रीट वॉल्यूम सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा और अंबुजा सीमेंट्स के साथ मर्जर अब NCLT की मंजूरी के लिए जाएगा
ACC Q2 Results: अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट जून तिमाही के मुकाबले 32 फीसदी घटकर 101 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही में कंपनी ने 148 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग कमाई भी तिमाही आधार पर फिसली। इसी दौरान कंपनी ने अपनी सीमेंट क्षमता बढ़ाई और रेडी-मिक्स कंक्रीट कारोबार में अच्छी बढ़त दर्ज की।
मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA तीनों पर दबाव
जून तिमाही से तुलना करें तो कंपनी के मुनाफे में 47 करोड़ रुपये की कमी आई। रेवेन्यू 2.4 फीसदी घटकर 5,612 करोड़ रुपये रहा, जबकि जून तिमाही में यह 5,748 करोड़ रुपये था। यानी तीन महीने में कमाई 136 करोड़ रुपये कम हुई। ऑपरेटिंग मुनाफे पर दबाव इससे कहीं ज्यादा दिखा।
कंपनी का EBITDA 15.6 फीसदी गिरकर 351 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 416 करोड़ रुपये था। इन्हीं आंकड़ों से EBITDA मार्जिन निकालें तो यह जून तिमाही के 7.24 फीसदी से घटकर सितंबर तिमाही में 6.25 फीसदी पर आ गया। रेवेन्यू की मामूली गिरावट के मुकाबले ऑपरेटिंग मुनाफे और नेट प्रॉफिट में बड़ी कमी ने तिमाही के नतीजों को कमजोर बनाया।
मैनेजमेंट ने क्या कहा?
नतीजों पर ACC के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO विनोद बहेती ने कहा, 'हमने Q2 और H1 FY’27 में मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसे बेहतर होते सेल्स मिक्स और प्रीमियम प्रोडक्ट्स के ज्यादा वॉल्यूम का सहारा मिला। MSA के असर की वजह से रिपोर्ट किए गए आंकड़ों की पूरी तरह तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन कारोबार की बुनियादी रफ्तार उत्साह बढ़ाने वाली बनी हुई है, जिसे हमारे ट्रेड पार्टनर्स का साथ मिल रहा है।'
तिमाही के दौरान कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। ACC ने उत्तर प्रदेश के सलाई बनवा में 2.4 मिलियन टन सालाना (MTPA) क्षमता वाली ग्रीनफील्ड सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की। इसके साथ ही ACC की सब्सिडियरी बल्क सीमेंट कॉरपोरेशन (इंडिया) लिमिटेड ने महाराष्ट्र के कलंबोली में 3.0 MTPA की सीमेंट ब्लेंडिंग यूनिट चालू की। इस यूनिट से कंपनी की सीमेंट क्षमता में 1.0 MTPA का इजाफा हुआ। दोनों प्रोजेक्ट मिलाकर Q2 FY27 में कंपनी की सीमेंट क्षमता 3.4 MTPA बढ़ी, जिससे उसका मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क और मजबूत हुआ।
रेडी-मिक्स कंक्रीट कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
कमजोर तिमाही आंकड़ों के बीच कंपनी का रेडी-मिक्स कंक्रीट कारोबार चमकता दिखा। सितंबर तिमाही में इसका वॉल्यूम सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 1.07 मिलियन क्यूबिक मीटर पहुंच गया। पहली छमाही में यह वॉल्यूम 18 फीसदी बढ़कर 2.04 मिलियन क्यूबिक मीटर रहा।
बिजली के मोर्चे पर भी कंपनी आगे बढ़ी है। Q2 में कंपनी की कुल बिजली खपत में ग्रीन पावर की हिस्सेदारी बढ़कर 34.4 फीसदी हो गई, जो एक साल पहले 30.3 फीसदी थी।
अंबुजा सीमेंट्स के साथ मर्जर NCLT पहुंचा
ACC ने बताया कि अंबुजा सीमेंट्स के साथ प्रस्तावित मर्जर अब अंतिम मंजूरी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पास जाएगा। शेयरधारक इस पर पहले ही हामी भर चुके हैं। 29 सितंबर को NCLT के निर्देश पर हुई बैठक में इस स्कीम को जरूरी वैधानिक बहुमत और पब्लिक शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई। ACC के शेयरधारकों के 95 फीसदी से ज्यादा वोट और अंबुजा सीमेंट्स के शेयरधारकों के 99 फीसदी वोट मर्जर के पक्ष में पड़े।
रेगुलेटरी, वैधानिक और NCLT की मंजूरी मिलने पर यह मर्जर FY27 के दौरान पूरा होने की उम्मीद है। दोनों कंपनियों को उम्मीद है कि इस विलय से कॉरपोरेट ढांचा आसान होगा, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल बनेगा और कामकाज से जुड़े फायदे सामने आएंगे।
कर्ज मुक्त बैलेंस शीट और बेहतर ESG स्कोर
ACC की बैलेंस शीट पर कोई कर्ज नहीं है। कंपनी की नेटवर्थ 20,680 करोड़ रुपये है और उसके पास 578 करोड़ रुपये का कैश और कैश के बराबर संपत्ति है। सस्टेनेबिलिटी के मोर्चे पर भी कंपनी को अच्छी खबर मिली है। 2025 के S&P ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में ACC का नेट स्कोर 72 से बढ़ाकर 82 कर दिया गया। कंपनी का ग्रॉस स्कोर 100 में से 89 पर बना रहा।
मिले-जुले तिमाही नतीजों का असर एसीसी के शेयरों पर भी दिखा. शेयर आज 2.14% गिरावट के साथ 1142.35 रुपये पर बंद हुआ. शेयर फिलहाल अपने 52-वीक लो 1116.60 के आसपास कारोबार कर रहा है. पिछले एक साल में शेयर 38.64 फीसदी तक गिर चुका है. जबकि, इस साल अब तक शेयर में 34.38 फीसदी की गिरावट आ चुकी है.
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