पिछले कुछ समय से वैल्यूएशन की काफी चर्चा हो रही है। दरअसल, स्टॉक मार्केट में लगातार तेजी की वजह से शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। दिग्गज इनवेस्टर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने वैल्यूएशन की अहमियत बताने के लिए फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन के लंदन के एक अनुभव का उल्लेख किया है। दरअसल, बच्चन ने लंदन में एक दुकानदार से जुड़े अपने अनुभव के बारे में हाल में बताया था। आइए जानते हैं बॉलीवुड के महानायक के साथ लंद में क्या हुआ था।
कई बार व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के बारे में अनुमान लगाने में मात खा जाता है
लंदन की यात्रा के दौरान बच्चन (Amitabh Bacchan) की इच्छा एक टाई खरीदने की हुई। वह एक दुकान में गए। लेकिन, दुकानदार बच्चन को टाई नहीं खरीदने के लिए समझाने लगा। दरअसल, उसे ऐसा लगा कि बहुत महंगा होने की वजह से बच्चन उस टाई को नहीं खरीद सकते। बच्चन ने बताया कि यह बात उन्हें खराब लगी और उन्होंने एक नहीं बल्कि 10 टाई उस दुकान से खरीदे। ऐसा अक्सर होता है। कई बार लोग किसी चीज की सही कीमत लगाने में मात खा जाते हैं। कई बार एक इनसान दूसरे इनसान की कीमत समझने में गलती कर बैठता है।
दुकानदार की सलाह से आपका भला भी हो सकता है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना पर सेंसिबुल के फाउंडर आबिद हसन ने प्रतिक्रिया जताते हुए अपने अनुभव के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि एक दुकानदार की सलाह के बाद उन्होंने एक घड़ी नहीं खरीदने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि यह मामला एक एयरपोर्ट से जुड़ा है। वहां एक दुकान में उन्हें एक घड़ी पसंद आ गई थी। लेकिन, दुकानदार ने उनसे कहा कि यह घड़ी आपके बजट से बाहर हो सकती है, क्योंकि इसकी कीमत करीब 25,000 रुपये है। हसन ने बताया कि उन्होंने दुकानदार को धन्यवाद कहा और शॉप से बाहर निकल गए। उनका मानना है कि दुकानदार ने उनका भला किया था।
वैल्यूएशन को लेकर लोगों का रुख अलग-अलग हो सकता है
समीर अरोड़ा ने हसन की सोच से सहमति जताई है। उन्होंने इस मामले का जिक्र यह बताने के लिए किया है कि वैल्यूएशन को लेकर लोगों को रुख कैसा होता है। इस पोस्ट से यह पता चलता है कि कई बार किसी चीज को लेकर किसी की सलाह सही हो सकती है क्योंकि उसकी कीमत वाकई बहुत ज्यादा हो सकती है। अरोड़ा ने इस बारे में अपना अनुभव बताने के लिए एक पोस्ट किया।
एनालिस्ट्स की सलाह के बाद अरोड़ा ने शॉर्ट किए थे स्टॉक्स
अरोड़ा ने लिखा, "एक बार मैं एक एनालिस्ट से मिला, उसने मुझे एक कंपनी के बारे में बताया जिसकी ग्रोथ सालाना 10-12 फीसदी थी। उसके शेयर में 80 के पी/ई पर ट्रेडिंग हो रही थी। उसने कहा कि उसे लगता है कि यह शेयर मेरे लिए काफी महंगा होगा।" अरोड़ा बताते हैं कि उन्हें एनालिस्ट की बात सही लगी। उन्होंने एनालिस्ट को इस बारे में बताया। फिर उन्होंने उस स्टॉक को शॉर्ट किया।
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कोई चीज बहुत महंगी होने पर उसे नहीं खरीदना समझदारी है
अरोड़ा के पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा कि अमिताभ बच्चन सिर्फ उस दुकानदार को कड़ा जवाब देना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगा था कि उनके इंडियन होने के चलते वह ऐसा कह रहा है। इस बारे में अरोड़ा का कहना है कि कई ऐसे फंड मैनेजर्स है, जिनकी सोच उस दुकानदार की तरह होती है। उन्हें ऐसा लगता है कि निवेशक इसलिए नहीं खरीद रहे क्योंकि खरीदना उनकी क्षमता से बाहर है। बहुत पहले की बात नहीं है कि ऐसे फंड मैनेजर्स थे, जो वैल्यूएशन की बात करने वाले निवेशकों को अच्छी नजर से नहीं देखते थे। सच यह है कि निवेशक कई बार खरीदारी के मौके का इस्तेमाल इसलिए नहीं करते हैं क्योंकि शेयर बहुत महंगे होते हैं। ऐसा नहीं कि उन्हें वे खरीद नहीं सकते।