Adani Group ने मार्केट वैल्यू में 132 अरब डॉलर की कमी के बाद बनाई वापसी की रणनीति, उठाए ये 5 कदम
Adani Group : गौतम अदाणी की अगुआई वाले एम्पायर ने अमेरिका की बड़ी कम्युनिकेशन और लीगल टीम हायर की हैं, 85 करोड़ डॉलर में कोयला संयंत्र खरीदने की डील रद्द कर दी, खर्चों में कटौती, कुछ कर्ज चुकाया और साथ ही ज्यादा कर्ज चुकाने का वादा किया है। अदाणी ग्रुप ने अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी की रिपोर्ट के बाद इन कदमों के जरिये इनवेस्टर्स की चिंताएं दूर करने की कोशिश की है
Adani Group : गौतम अदाणी और उनकी फैमिली ने 6 फरवरी को 1.11 अरब डॉलर का कर्ज चुकाकर अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों के गिरवी शेयर छुड़ाए थे
Adani Group : शॉर्ट सेलर की रिपोर्ट के चलते अदाणी ग्रुप की कंपनियों की वैल्युएशन 132 अरब डॉलर कम होने के बाद गौतम अदाणी (Gautam Adani) की अगुआई वाले एम्पायर ने कई कदम उठाए हैं। उसने अमेरिका की बड़ी कम्युनिकेशन और लीगल टीम हायर की हैं, 85 करोड़ डॉलर में कोयला संयंत्र खरीदने की डील रद्द कर दी, खर्चों में कटौती, कुछ कर्ज चुकाया और साथ ही ज्यादा कर्ज चुकाने का वादा किया है। अदाणी ग्रुप ने अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी की रिपोर्ट के बाद इन कदमों के जरिये इनवेस्टर्स की चिंताएं दूर करने की कोशिश की है। हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप पर स्टॉक में हेराफेरी सहित कई आरोप लगाए थे। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने सभी आरोप खारिज कर दिए थे।
बॉन्डहोल्डर्स के साथ की मीटिंग
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी और उनके सहयोगी नुकसान की भरपाई की कवायद में लगे हुए हैं। कुछ कर्ज चुकाने के साथ ही अदाणी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव्स ने विदेशी बॉन्डहोल्डर्स के साथ कई मीटिंग की हैं, जिनसे ग्रुप हाल के वर्षों में 8 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग ले चुका है।
कम्युनिकेशन एडवाइजर की नियुक्ति
अपनी छवि को हुए नुकसान की गंभीरता को देखते हुए ग्रुप ने Kekst CNC को एक ग्लोबल कम्युनिकेशन एडवाइजर के रूप में नियुक्त किया है। न्यूयॉर्क और म्यूनिख में हेडक्वार्टर वाली पब्लिक रिलेशन कंपनी को हाल के वर्षों में कॉर्पोरेट झटकों के दौरान काम करने के लिए जाना जाता है। एक सूत्र ने कहा कि Kekst का काम न सिर्फ डिंडनबर्ग के आरोपों, बल्कि अन्य चिंताओं के बीच इनवेस्टर्स का भरोसा हासिल करना है।
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Adani Group ने शॉर्ट सेलर के दावों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अमेरिका की लॉ फर्म वाशटेल, लिप्टन, रोसेन एंड काट्ज (Wachtell, Lipton, Rosen & Katz) को भी नियुक्त किया है। Wachtell अमेरिका की सबसे महंगी लॉ फर्म्स में से एक है और उसे शेयरहोल्डर एक्टिविस्ट्स के हमलों से अपने क्लाइंट्स को बचाने का खासा अनुभव है। इस संबंध में अदाणी ग्रुप की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसके अलावा Kekst ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और Wachtell ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Tufts University के Fletcher School में डीन (ग्लोबल बिजनेस) भास्कर चक्रवर्ती ने कहा कि इन कदमों से पता चलता है कि स्टॉक मार्केट में मिले झटकों के बावजूद अदाणी ग्रुप अच्छे वकीलों का बोझ उठा सकता है। उन्होंने कहा, “एक ग्लोबल इनवेस्टर के रूप में, मैं अभी भी सवाल उठाऊंगा।”
उनकी टिप्पणियों से पता चलता है कि निवेश के लिहाज से आकर्षक स्थान के रूप में चीन को टक्कर देने की भारत की क्षमता पर चर्चा कैसे इस ग्रुप से आगे बढ़ी है। अदाणी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करीबी माना जाता है, जिन्होंने सीधे तौर पर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा लेकिन वह उन विपक्षी दलों पर जमकर बरसे हैं।
कर्ज में कमी की बनाई योजना
इनवेस्टर कहते हैं कि वे दो बातें देख रहे हैं- ग्रुप का ऊंचा लीवरेज रेश्यो और उसकी कैशफ्लो जेनरेट करने की क्षमता।
ब्लूमबर्ग ने इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से कहा कि अदाणी प्रबंधन इन चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने गुरुवार को बॉन्डहोल्डर्स के साथ बातचीत में कहा कि ग्रुप की अगले साल तक एबिटडा की तुलना में कुल कर्ज का अनुपात 3 गुना से कम करने की योजना है, जो फिलहाल 3.2 गुना है।
हॉन्कॉन्ग में Natixis SA से जुड़े एक सीनियर इकोनॉमिस्ट Trinh Nguyen ने कहा कि ग्रुप के पास कुछ बेहद मूल्यवान एसेट्स हैं जिनसे कैशफ्लो जेनरेट होता है। उन्होंने कहा, “अगर वे चाहें तो इन एसेट्स को बेच सकते हैं और खरीदार खोज सकते हैं।”
छुड़ाए तीन कंपनियों के गिरवी शेयर
गौतम अदाणी और उनकी फैमिली ने 6 फरवरी को 1.11 अरब डॉलर का कर्ज चुकाकर अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों के गिरवी शेयर छुड़ाए थे। पोर्ट कंपनी ने 8 फरवरी को अप्रैल से शुरू हो रहे साल में 50 अरब रुपये का कर्ज चुकाने की योजना का ऐलान किया है। ग्रुप की कुछ बैंकों के कर्ज के रिफाइनेंस को बाधित करने के बाद अगले महीने 50 करोड़ डॉलर का कर्ज चुकाने की भी योजना है।
अब देखना होगा कि क्या अदाणी ग्रुप की नई रणनीति से इनवेस्टर्स की चिंताएं दूर होंगी या हिंडनबर्ग के आरोप उन्हें डराते रहेंगे।
मुंबई बेस्ड वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज प्रा. के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट क्रांति बैथिनी ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि यह इतना आसान होगा, लेकिन वे खासे आश्वस्त दिखते हैं कि वे कर्ज से जुड़ी बाध्यताओं को पूरा कर सकते हैं। हमें देखना होगा कि ग्रुप कर्ज कैसे चुकाता है।”