Wire and cable stocks: अल्ट्राटेक के बाद अब अदानी ग्रुप ने केबल एंड वायर इंडस्ट्री में एंट्री का एलान किया है। नए प्लेयर के आने से इस स्पेस में तगड़ा कंपिटीशन देखने को मिलेगा। यही वजह है कि इंडस्ट्री की मौजूदा कंपनियों पर आज अच्छा खासा दबाव है। केबल एंड वायर इंडस्ट्री की पूरी तस्वीर समझाते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि केबल एंड वायर में एक और बड़ा खिलाड़ी आने को तैयार है। अल्ट्राटेक के बाद अदानी ग्रुप की एंट्री होने वाली है। कंपनी की सब्सिडियरी कच्छ कॉपर ने प्रणीता वेंचर के साथ JV करार किया है। इस ज्वाइंट वेंचर में कच्छ कॉपर की 50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। कंपनी का मेटल प्रोडक्ट और केबल & वायर पर जोर होगा। कच्छ कॉपर अदानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी है।
अदानी ग्रुप के एंट्री के मायने
केबल एंड वायर इंडस्ट्री में अदानी ग्रुप की एंट्री से पूरे सेक्टर की तस्वीर बदल सकती है। मौजूदा प्लेयर्स के लिए कंपिटीशन बढ़ेगा। वैसे बी केबल एंड वायर शेयरों के वैल्युएशन मंहगे हैं। हैवेल्स 63 गुना PE रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, KEI इंडस्ट्रीज 48 गुना PE रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। KEI इंडस्ट्रीज 48 गुना PE रेश्यो पर कारोबार कर रहा है। RR KABEL 42 गुना PE रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। पॉलीकैब 40 गुना PE रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, फिनोलेक्स केबल्स 48 गुना PE रेश्यो पर कारोबार कर रहा है।
केबल एंड वायर इंडस्ट्री की तस्वीर
केबल एंड वायर इंडस्ट्री की तस्वीर पर नजर डालें तो मार्च 2024 तक अल्ट्राटेक की ग्रॉस ब्लॉक 83280 करोड़ रुपए है। वही, हैवेल्स की ग्रॉस ब्लॉक 83280 करोड़ रुपए है 5684 करोड़ रुपए है। पॉलीकैब की ग्रॉस ब्लॉक 3744 करोड़ रुपए और KEI इंडस्ट्रीज की ग्रॉस ब्लॉक 1129 करोड़ रुपए है। RR काबेल की ग्रॉस ब्लॉक 825 करोड़ रुपए और फिनोलेक्स केबल्स की ग्रॉस ब्लॉक 809 करोड़ रुपए है। बता दें कि ग्रॉस ब्लॉक कंपनी की सभी परिसंपत्तियों का कुल योग होता है जिसका मूल्यांकन उनके अधिग्रहण की लागत पर किया जाता है। इसमें प्रत्येक परिसंपत्ति पर लगाए जाने वाले मूल्यह्रास को शामिल किया जाता है।
कंपनियों का कैपेक्स प्लान
कंपनियों का कैपेक्स प्लान की बात करें तो अल्ट्राटेक की दो साल में 1800 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। वहीं, पॉलीकैब की 5 साल में 6000-8000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। हैवेल्स की 2 साल में 1000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। KEI इंडस्ट्रीज की 2-3 साल में 1000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। RR KABEL की 3 साल में 1000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। जबकि, फिनोलेक्स केबल्स की 200 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है। (सोर्स: कंपनी प्रेजेंटेशन, कॉनकॉल)
भारत का केबल एंड वायर मार्केट
भारत के केबल एंड वायर मार्केट की बात करें तो केबल एंड वायर मार्केट में पावर ट्रांसमिशन एंड बिल्डिंग सेगमेंट की हिस्सेदारी 50 फीसदी और केबल एंड वायर मार्केट की हिस्सेदार 39 फीसदी है। वित्त वर्ष 2027 तक इस मार्केट का आकार 1.25 लाख करोड़ रुपए हो सकता है। इस अवधि में इस सेक्टर में सालाना 12-14 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं, वित्त वर्ष 2024-29 के बीच इस सेक्टर की ग्रोथ रेट 11-13 फीसदी रह सकती है। (सोर्स: CRISIL और ब्रोकर रिपोर्ट)।