अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) की अगुआई वाले अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने इस वित्त वर्ष में भारत के बॉन्ड बाजार से 150 अरब रुपये (1.8 अरब डॉलर) जुटाने की योजना बनाई है। ये बॉन्ड भारतीय रुपये में जारी किए जाएंगे। इस साल की शुरुआत में एक अमेरिकी शॉर्ट-सेलर की फर्म की ओर लगाए गए आरोपों के बाद अदाणी ग्रुप को काफी झटका लगा था। इसके बाद से ही ग्रुप भारतीय डेट मार्केट में बॉन्ड जारी करने की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक इन बॉन्ड्स को 5 अरब से 10 रुपये के छोटे लॉट में जारी किया जाएगा। इनमें लिस्ट और अनलिस्टेड दोनों तरह के बॉन्ड शामिल होंगे और इससे मिली राशि का इस्तेमाल ग्रुप की कैपिटल एक्सपेंडिटर जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड उन कंपनियों में से हैं जो पहले बॉन्ड जारी कर सकती हैं।
रिपोर्ट में एक सूत्र ने बताया कि अगले दो महीनों में यह योजना रफ्तार पकड़ेगी और यह भी संभव है कि अंत में जुटाई गई राशि शुरुआती रकम की दोगुना हो। हांलांकि लोगों के अनुसार अभी इस योजना पर विचार-विमर्श जारी है और अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
अदाणी ग्रुप की इन योजनाओं का उद्देश्य निवेशकों का भरोसा जीतना है। इस साल जनवरी में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी कर अदाणी ग्रुप पर कॉरपोरेट गवर्नेंस में चूक से जुड़े कई आरोप लगाए थे, जिसके बाद इसके शेयरों और बॉन्ड्स में भारी गिरावट देखी गई थी। हालांकि ग्रुप ने हिंडनबर्ग के आरोपों से इनकार किया है और अदाणी एंटरप्राइजेज ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय बॉन्ड की बिक्री के जरिए 12.5 अरब रुपये जुटाए हैं।
ब्लूमबर्ग न्यूज ने पिछले हफ्ते रिपोर्ट दी थी कि अदाणी ग्रुप इस समय 60 करोड़ डॉलर से 75 करोड़ डॉलर के बीच उधार लेने के लिए बार्कलेज पीएलसी, डॉयचे बैंक एजी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के साथ भी बातचीत कर रहा है। इन पैसों को इस्तेमाल अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के अधिग्रहण की फंडिंग के लिए लिए गए लोन को रिफाइनेंस करने में किया जाएगा।