Adani Group Stocks: अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट आने के बाद से अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव की स्थिति है। अब इसे फिर झटका लगा है। गुजरात के मुंदड़ा में 34900 करोड़ रुपये के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट को रोकने के चलते इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। ग्रुप की 10 में से सिर्फ एक कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) ही आज ग्रीन जोन में है और बाकी कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं। एक स्टॉक तो लोअर सर्किट पर फिसल गया है।
Adani Group का सिर्फ एक स्टॉक ग्रीन जोन में
आज अदाणी ग्रुप का सिर्फ एक स्टॉक ग्रीन जोन में है। अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) 2.37 फीसदी मजबूत होकर बीएसई पर 836.15 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। बाकी 9 स्टॉक्स रेड जोन में है जिसमें से एक अदाणी टोटल गैस (Adani Total Gas) तो 5 फीसदी फिसलकर 853.10 रुपये के लोअर सर्किट पर आ गया है। बाकी शेयरों की बात करें तो अदाणी पॉवर (Adani Power) 4.40 फीसदी गिरकर 191.15, अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) 1.64 फीसदी टूटकर 1008.00 रुपये, अदाणी विल्मर (Adani Wilmar) 3.50 फीसदी गिरकर 412.40 रुपये के भाव पर हैं।
ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) 4.06 फीसदी की गिरावट के साथ 1801 रुपये, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone) 2.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 665.15 रुपये, एनडीटीवी (NDTV) 3.01 फीसदी गिरकर 199.50 रुपये, एसीसी (ACC) 2.20 फीसदी की गिरावट के साथ 1690.85 रुपये और अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) 3.52 फीसदी कमजोर होकर 364.95 रुपये के भाव पर ट्रेड हो रहा है।
पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट का क्या है मामला
रविवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई ने खुलासा किया कि अदाणी ग्रुप ने गुजरात के मुंदड़ा में 34900 करोड़ रुपये के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट को रोक दिया है। ग्रुप ने सभी वेंडर्स और सप्लॉयर्स को तत्काल सभी एक्टिविटीज रोके जाने का संदेश भेज दिया है। ग्रुप ने यह फैसला इसलिए किया क्योंकि इसका ध्यान फिलहाल ऑपरेशंस को मजबूत करने और निवेशकों चिंताओं को दूर करना है।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने इसे बहुत तगड़ा झटका दिया है जिससे उबरने की कोशिशों के तहत अदाणी ग्रुप ने यह फैसला लिया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद से अदाणी ग्रुप 7 हजार करोड़ रुपये के कोल प्लांट की खरीदारी को रद्द कर दिया था और पॉवर ट्रेडर पीटीसी में हिस्सेदारी के लिए बोली लगाने की योजना को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया था।