Hindenburg Fallout : अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अदाणी ग्रुप को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए कंपनी लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन इस बीच अब कंपनी को एक और झटका लगा है। अदाणी ग्रुप ने गुजरात के मुंद्रा में 34,900 करोड़ रुपये के पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पर काम रोक दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आज 19 मार्च को सूत्रों ने यह जानकारी दी। दरअसल, कंपनी इस समय परिचालन को मजबूत करने और निवेशकों की चिंताओं को दूर करने पर फोकस कर रही है।
हिंडनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी की रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर अकाउंटिंग फ्रॉड और स्टॉक मैनीपुलेशन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। इससे कंपनी को लगभग 140 अरब डॉलर का घाटा हुआ। एपल से एयरपोर्ट तक के बिजनेस में शामिल कंपनी अब निवेशकों का भरोसा फिर से हासिल करने के लिए प्रयास कर रही है।
अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने साल 2021 में पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी मुंद्रा पेट्रोकेम लिमिटेड की शुरुआत की थी। इसकी स्थापना गुजरात के कच्छ में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन भूमि पर कोल टू पीवीसी प्लांट स्थापित करने के लिए की गई थी।
कंपनी निवेशकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ना सिर्फ अपने कर्ज चुका रही है बल्कि अपने खिलाफ लगे आरोपों से भी लड़ रही है। अदाणी ग्रुप ने हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया है। इतना ही नहीं, अदाणी ग्रुप कैश फ्लो और उपलब्ध फाइनेंस के आधार पर अपने प्रोजेक्ट्स का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि समूह ने कुछ समय के लिए 1 मिलियन टन प्रति वर्ष ग्रीन PVC प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। ग्रुप ने वेंडर्स और सप्लायर्स को तत्काल आधार पर "सभी गतिविधियों को रोकने" के लिए मेल कर दिया है।
कमबैक स्ट्रैटेजी के रूप में ग्रुप ने 7,000 करोड़ रुपये के कोयला प्लांट की खरीद को रद्द कर दिया है। साथ ही खर्चों को बचाने के लिए कंपनी ने पावर ट्रेडर PTC में हिस्सेदारी के लिए बोली लगाने की योजना को रद्द कर दिया है। कंपनी ने ग्रुप की कंपनियों में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी को गिरवी रखकर जुटाए गए कुछ कर्ज का भुगतान कर दिया है और कुछ वित्त का समय से पहले भुगतान कर दिया है।