Adani Group News: अदाणी ग्रुप और विल्मर इंटरनेशनल, दोनों ज्वाइंट वेंचर अदाणी विल्मर में अपनी हिस्सेदारी हल्की करने वाले हैं। इसे लेकर बातचीत अभी शुरुआती स्टेज में ही है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग न्यूज ने यह खुलासा 16 जुलाई को सूत्रों के हवाले से किया है। हालांकि इसके सत्यता की पुष्टि मनीकंट्रोल नहीं करता है। शेयरों की बात करें तो अदाणी विल्मर के शेयर इस साल करीब 7 फीसदी फिसले हैं। फिलहाल BSE पर यह 330.75 रुपये के भाव पर है। एक साल के हाई से यह करीब 22 फीसदी और रिकॉर्ड हाई से 62 फीसदी से अधिक डाउनसाइड है।
Adani Wilmar में 13% हिस्सेदारी बेचेंगे दोनों
अदाणी विल्मर में अदाणी ग्रुप और विल्मर इंटरनेशनल बराबर-बराबर हिस्सेदारी हल्की करेंगे। कुल मिलाकर 13 फीसदी हिस्सेदारी हल्की होगी और यह 67 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर हो सकती है। यह बिक्री आने वाले कुछ महीने में हो सकती है। इस साल की शुरुआत में मनीकंट्रोल ने खुलासा किया था कि गौतम अदाणी ने अपनी हिस्सेदारी हल्की करने का फैसला किया है ताकि वह अपना फोकस कोर इंफ्रा बिजनेस पर कर सकें। वैसे एक वजह और है हिस्सेदारी हल्की करने की, वह ये है कि बाजार नियामक सेबी के नियमों के मुताबिक लिस्टेड कंपनी में प्रमोटर्स की अधिकतम हिस्सेदारी 75 फीसदी ही हो सकती है जोकि अभी 87.87 फीसदी है। इसके शेयरों की लिस्टिंग फरवरी 2022 में हुई थी तो कम से कम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्त को पूरा करने के लिए अदाणी विल्मर के पास फरवरी 2025 तक का समय है।
ढाई साल पहले ₹230 में जारी हुए थे शेयर
अदाणी विल्मर के शेयर 8 फरवरी 2022 को लिस्ट हुए थे। 3600 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 230 रुपये के भाव पर 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर जारी हुए थे। लिस्टिंग के बाद ताबड़तोड़ उछलते हुए ढाई ही महीने में 28 अप्रैल 2022 को इंट्रा-डे में 878.35 रुपये के रिकॉर्ड भाव पर पहुंच गया। हालांकि फिर शेयर फिसलना शुरू हुए और फिलहाल इस रिकॉर्ड हाई से यह 62.34 फीसदी डाउनसाइड है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 20 नवंबर 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 285.85 रुपये और पिछले ही साल 26 जुलाई 2023 को यह एक साल के हाई 422.55 रुपये पर था।