Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।
Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो "Rambhajo" ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।