Waterways Leisure Tourism IPO Listing: कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फीकी एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया। खुदरा निवेशकों के दम पर यह इश्यू ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक भर पाया। आईपीओ के तहत ₹808 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹690.00 और NSE पर ₹681.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर करीब 16% का झटका लगा। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹716.60 (Waterways Leisure Tourism Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.31% घाटे में हैं।
Waterways Leisure Tourism IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
वाटरवेज लेजर टूरिज्म का ₹585 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 0.72 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.23 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 4.40 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 72,40,099 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹480.01 करोड़ स्टेपडाउन सब्सिडरी बेक्रूज शिपिंग एंड लीजिंग (आईएफएससी) के लीज पेमेंट्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Waterways Leisure Tourism के बारे में
वाटरवेज लेजर टूरिज्म देश की प्रमुख ओशन क्रूज ऑपरेटर कंपनियों में शुमार है। यग एमवी एक्सप्रेस नाम से क्रूज जहाज चलाती है जो मुंबई, गोवा, कोच्चि, चेन्नई, लक्षद्वीप, विशाखापत्तनम, पुडुचेरी के साथ-साथ श्रीलंका, थाईलैंड, सिंगापुर और मलेशिया जैसे चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन तक की सैर कराती है। वित्त वर्ष 2025 में देश के घरेलू ओशन क्रूज इंडस्ट्री में वैल्यू के हिसाब से कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी लगभग 79% थी। एमवी एक्सप्रेस में सुइट्स, ओशन-व्यू केबिन और इंटीरियर स्टेटरूम समेत 796 केबिन हैं। साथ ही इसमें रेस्तरां, मनोरंजन शो, कैसिनो, स्पा, फिटनेस सेंटर, स्विमिंग पूल, गेमिंग आर्केड, चिल्ड्रेन्स एकेडमी और MICE और वेडिंग फैसिलिटीज हैं। कंपनी एसेट-लाइट ऑपरेटिंग मॉडल पर काम करती है और क्रूज के मुख्य काम जैसे खाना-पीना, हाउसकीपिंग, क्रूइंग और मनोरंजन को आउटसोर्स करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹122.73 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जिससे उबरते हुए यह अगले वित्त वर्ष 2025 में ₹169.19 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में यह गिरकर ₹52.14 करोड़ रह गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹452.15 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹597.68 करोड़ से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹586.99 करोड़ पर आ गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹101.90 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.05 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।