SBI के बाद अब ICICI बैंक ने भी TCS को छोड़ा पीछे, बनी देश की 5वीं सबसे बड़ी मार्केट वैल्यू वाली कंपनी

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) अब मार्केट कैप के लिहाज से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसने टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस (TCS) को पीछे छोड़ते हुए गुरुवार 12 फरवरी को यह स्थान लिया। इससे एक दिन पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी TCS को पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी कंपनी का स्थान हासिल किया था

अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 12:04 PM
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मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी अभी भी रिलायंस इंस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) बनी हुई है

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) अब मार्केट कैप के लिहाज से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इसने टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस (TCS) को पीछे छोड़ते हुए गुरुवार 12 फरवरी को यह स्थान लिया। इससे एक दिन पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी TCS को पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी कंपनी का स्थान हासिल किया था।

दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिंताओं के कारण आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रहा है। TCS भी इस गिरावट से अछूती नहीं रही और इसके चलते इसके मार्केट वैल्यू में कमी आई है।

ICICI बैंक के शेयरों में आज करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग 10.22 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके उलट TCS के शेयर कारोबार के दौरान करीब 5 प्रतिशत तक टूट गए और उसका मार्केट कैप घटकर लगभग 10.04 लाख करोड़ रुपये रह गया। IT सेक्टर में व्यापक बिकवाली के चलते टीसीएस समेत कई टेक शेयरों पर दबाव बना हुआ है।


मार्केट कैप के लिहाज से देश की 7 सबसे बड़ी कंपनियां

मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी अभी भी रिलायंस इंस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd) बनी हुई है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 19.8 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) का स्थान है।

रैंक कंपनी मार्केट कैप
1 रिलायंस इंडस्ट्रीज 19.8 लाख करोड़ रुपये
2 HDFC बैंक 14.2 लाख करोड़ रुपये
3 भारती एयरटेल 11.75 लाख करोड़ रुपये
4 भारतीय स्टेट बैंक (SBI)  11.08 लाख करोड़ रुपये
5 ICICI बैंक 10.18 लाख करोड़ रुपये
6 टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 10.1 लाख करोड़ रुपये
7 बजाज फाइनेंस 6.14 लाख करोड़ रुपये
(12 फरवरी को सुबह 11 बजे NSE पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार)

आईटी शेयरों में गिरावट की वजह क्या?

टीसीएस समेत लगभग सभी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को तगड़ी गिरावट दिखी। इससे पहले अमेरिकी शेयर मार्केट में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखी। अमेरिका के जनवरी के रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे, जिसके चलते ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम हो गई है।

जनवरी में अमेरिका में उम्मीद से अधिक रोजगार बढ़े और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई। यह लेबर मार्केट की मजबूती का संकेत है, जिससे फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें कुछ समय तक स्थिर रखने की गुंजाइश मिल सकती है।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि रोजगार में इजाफा मुख्य रूप से हेल्थकेयर और सोशल सर्विस सेक्टर में ही केंद्रित रहा। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि व्यापक अर्थव्यवस्था में रोजगार संकेतक उतने मजबूत नहीं हैं, जितने आंकड़े सतही तौर पर दिखते हैं।

AI से जुड़ी चिंताएं भी भारी

आईटी शेयरों पर एक और बड़ा दबाव एआई-ऑटोमेशन आधारित बदलावों का है। निवेशकों को चिंता है कि ऑटोमेशन और जनरेटिव एआई टेक्नोलॉजी भारतीय आईटी कंपनियों के पारंपरिक मॉडल को प्रभावित कर सकती है, जिससे बिलिंग, मार्जिन और हेडकाउंट ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।

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