पिछले 3 महीने भारतीय शेयर बाजारों से लगातार पैसे निकालने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) अक्टूबर में खरीदार बन गए। उन्होंने अब तक शेयरों में शुद्ध रूप से 6,480 करोड़ रुपये डाले हैं। इसकी मुख्य वजह मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने शेयर बाजारों से सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये निकाले थे।
