AI बूम से पावर सेक्टर की मौज, इन 7 कंपनियों को मिल सकता है सबसे ज्यादा फायदा

AI power stocks: AI बूम से पावर सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच कई कंपनियां मजबूत पोजिशन में दिखती हैं, जहां लंबी अवधि का ग्रोथ मौका नजर आ रहा है। एक्सपर्ट से जानिए AI बूम पावर सेक्टर के लिए क्यों बड़ा मौका है। साथ ही किन कंपनियों पर आपको नजर रखनी चाहिए।

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 5:42 PM
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AI सर्वर सामान्य सर्वर के मुकाबले कई गुना ज्यादा बिजली खपत करते हैं।

AI power stocks: AI का बूम सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं, बल्कि इससे पावर सेक्टर को सीधा फायदा होगा। डेटा सेंटर, क्लाउड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की जरूरत तेजी से बढ़ रही। इसके चलते बिजली की मांग में भी उछाल आ रहा है।

खास बात यह है कि AI सर्वर सामान्य सर्वर के मुकाबले कई गुना ज्यादा बिजली खपत करते हैं। भारत में भी डेटा सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे पावर कंपनियों के लिए नया ग्रोथ मौका बन रहा है। ऐसे में समझना जरूरी है कि कौन-सी कंपनियां इस ट्रेंड का फायदा उठा सकती हैं और इस पर एक्सपर्ट की क्या राय है।

पावर सेक्टर पर क्या कह रहे एक्सपर्ट


फंड मैनेजमेंट फर्म Nepean Capital के को-फाउंडर गौतम त्रिवेदी भारत में पावर सेक्टर को लंबे समय के लिए सबसे मजबूत निवेश थीम मानते हैं। वह इसे सीधे AI और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग से जोड़ते हैं।

उनका कहना है, 'पावर हमारा पसंदीदा सेक्टर बना हुआ है। भारत में अभी सीधे AI प्ले ज्यादा नहीं हैं, इसलिए यह AI पर दांव लगाने का अच्छा तरीका है।' उनके मुताबिक यह मौका स्ट्रक्चरल है और लंबे समय तक चलने वाला है। वे इसे अगले 10 साल की बड़ी कहानी मानते हैं, क्योंकि देश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है।

किन पावर कंपनियों को मिलेगा फायदा

AI का बूम उन पावर कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है जो लगातार और बड़े पैमाने पर बिजली सप्लाई कर सकती हैं, साथ ही ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो भी रखती हैं। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के चलते जनरेशन के साथ-साथ ट्रांसमिशन और इंटीग्रेटेड पावर कंपनियां इस ट्रेंड की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभर सकती हैं।

NTPC

पब्लिक सेक्टर NTPC Ltd देश की सबसे बड़ी पावर जनरेशन कंपनी है। 24x7 बिजली सप्लाई देने में इसकी मजबूत पकड़ है। डेटा सेंटर को लगातार और भरोसेमंद बिजली चाहिए होती है, जो NTPC जैसी कंपनियां बड़े स्तर पर दे सकती हैं। AI से बढ़ती बिजली मांग का सीधा फायदा ऐसे प्लेयर्स को मिलता है।

Power Grid Corporation

यह सरकारी कंपनी भी पावर सेक्टर की अहम कड़ी है। बिजली बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही जगह तक पहुंचाना। डेटा सेंटर आमतौर पर बड़े क्लस्टर में बनते हैं, जहां मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क चाहिए होता है। ऐसे में Power Grid जैसी कंपनियां इस बढ़ती मांग से फायदा उठा सकती हैं।

Adani Green Energy

अदाणी ग्रुप की Adani Green Energy रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा नाम है। अब डेटा सेंटर कंपनियां ग्रीन पावर की ओर तेजी से बढ़ रही हैं ताकि कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सके। सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स वाली कंपनियों के लिए यह बड़ा मौका है और Adani Green इसमें अहम खिलाड़ी है।

Tata Power

टाटा ग्रुप की Tata Power Company इंटीग्रेटेड कंपनी है। यह बिजली उत्पादन, वितरण और रिन्यूएबल... तीनों में काम करती है। सोलर, EV और स्मार्ट एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों में इसकी मौजूदगी इसे AI और डेटा सेंटर थीम से जुड़ा मजबूत प्ले बनाती है।

NHPC

पब्लिक सेक्टर की NHPC Ltd. हाइड्रो पावर के जरिए साफ और स्थिर बिजली उपलब्ध कराती है। डेटा सेंटर के लिए लगातार बिजली जरूरी होती है और हाइड्रो इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।

ABB India

ABB India Ltd. सीधे बिजली नहीं बनाती, लेकिन पावर मैनेजमेंट और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में इसकी अहम भूमिका है। जैसे-जैसे डेटा सेंटर बढ़ेंगे, वैसे-वैसे ऐसी कंपनियों की मांग भी बढ़ेगी।

Larsen & Toubro

Larsen & Toubro Ltd. बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स बनाने में अहम भूमिका निभाती है। AI के विस्तार के साथ ऐसे प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, जिससे L&T जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

क्यों पावर सेक्टर को मिल रहा है फायदा

AI का मतलब है ज्यादा डेटा और ज्यादा प्रोसेसिंग, और इसके लिए लगातार बिजली चाहिए। डेटा सेंटर 24 घंटे चलते हैं, इसलिए उन्हें बिना रुकावट सप्लाई चाहिए होती है। साथ ही, अब कंपनियां ग्रीन एनर्जी पर भी जोर दे रही हैं, जिससे रिन्यूएबल कंपनियों की अहमियत बढ़ गई है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है

AI को सिर्फ टेक स्टोरी मानना अधूरा नजरिया हो सकता है। असल में यह पावर सेक्टर के लिए भी बड़ा मौका बन रहा है। जिन कंपनियों के पास मजबूत कैपेसिटी, भरोसेमंद सप्लाई और ग्रीन एनर्जी का पोर्टफोलियो है, वे इस ट्रेंड से फायदा उठा सकती हैं।

हालांकि, यह सेक्टर कैपिटल-इंटेंसिव और साइक्लिकल है। इसलिए निवेश से पहले वैल्यूएशन, डिमांड और कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर नजर रखना जरूरी है।

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