AI Stocks: एआई से जुड़े इन 3 शेयरों में विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी, क्या आपको लगाना चाहिए दांव?

AI Stocks: एआई और डिजिटल बदलाव की थीम वाली तीन कंपनियों में विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी बढ़ाई है। क्या यह खरीदारी आगे बड़े मौके का संकेत है या निवेशकों को वैल्यूएशन और जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए? जानिए पूरी तस्वीर।

अपडेटेड May 27, 2026 पर 7:04 PM
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टाटा एलेक्सी ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, कम्युनिकेशन और मीडिया सेक्टर के लिए तकनीकी सेवाएं देती है।

AI Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ एक नई तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह हेल्थकेयर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी और ऑटोमोबाइल जैसे कई क्षेत्रों को बदल रही है। भारत में भी AI से जुड़ी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।

यही वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) उन कंपनियों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जो AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल बदलाव के क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखती हैं। मार्च 2026 तिमाही में तीन प्रमुख आईटी कंपनियों में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जो AI की ओर बढ़ रही हैं।

LTM


इस कंपनी में सितंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 6.40% थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 6.63% हो गई। हालांकि बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है, लेकिन इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होने का संकेत मिलता है।

LTM AI और डिजिटल बदलाव पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने BlueVerse नाम का AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो ग्राहकों को AI से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने में मदद करता है। कंपनी को हाल के महीनों में कई बड़े AI प्रोजेक्ट भी मिले हैं। मार्च तिमाही में उसका ऑर्डर इनफ्लो 1.7 अरब डॉलर रहा। यह लगातार छठी तिमाही थी जब कंपनी को 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर मिले।

Tech Mahindra

Tech Mahindra में FIIs की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के 20.60% से घटकर दिसंबर 2025 में 17.94% रह गई थी। हालांकि मार्च 2026 में यह बढ़कर 18.59% हो गई। यानी दिसंबर तिमाही की तुलना में विदेशी निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की।

कंपनी AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सेवाओं पर लगातार निवेश कर रही है। प्रबंधन का कहना है कि बड़े ग्राहकों के साथ डेटा और AI आधारित प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा कारोबार देने वाले ग्राहकों की संख्या 29 तक पहुंच गई। पूरे साल में कंपनी का मुनाफा 31.4% बढ़ा और कमाई का अनुपात भी बेहतर हुआ।

Tata Elxsi

इन तीनों कंपनियों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी टाटा ग्रुप की Tata Elxsi में देखने को मिली। सितंबर 2025 में FIIs की हिस्सेदारी 12.53% थी, जो दिसंबर 2025 में घटकर 8.57% रह गई। इसके बाद मार्च 2026 में यह बढ़कर 11.08% हो गई। यानी सिर्फ एक तिमाही में विदेशी निवेशकों ने 2.51 प्रतिशत अंक की हिस्सेदारी बढ़ाई।

कंपनी ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, कम्युनिकेशन और मीडिया सेक्टर के लिए तकनीकी सेवाएं देती है। वित्त वर्ष 2026 में Tata Elxsi ने GenAI पर बड़ा फोकस किया। कंपनी ने कई AI कंपनियों के साथ साझेदारी की, DevStudio.ai प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और कर्मचारियों को AI तकनीक की ट्रेनिंग भी दी। कंपनी का लक्ष्य खुद को AI आधारित इंजीनियरिंग कंपनी के रूप में स्थापित करना है।

क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

सिर्फ AI थीम या विदेशी निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। कंपनियों के शेयरों का वैल्यूएशन, ऑर्डर बुक, मुनाफे की वृद्धि, ग्राहक आधार और वैश्विक आईटी खर्च जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।

अगर कोई निवेशक AI सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा करता है, तो ऐसी कंपनियां उसकी वॉचलिस्ट में हो सकती हैं। लेकिन निवेश से पहले मौजूदा वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है, क्योंकि AI से जुड़ी उम्मीदें पहले से ही कई शेयरों की कीमत में शामिल हो चुकी हैं।

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