Ambey Lab IPO Listing: 25% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, अंबे लैब के शेयरों की धांसू लिस्टिंग

Ambey Lab IPO Listing: अंबे लैब फसलों की सुरक्षा को लेकर एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। चेक करें कंपनी की कारोबार सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Jul 11, 2024 पर 10:51 AM
Ambey Lab IPO Listing: अंबे लैब का ₹44.68 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-8 जुलाई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है। (File Photo- Pexels)

Ambey Lab IPO Listing: एग्रोकेमिकल कंपनी अंबे लैब (Ambey Lab) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 173 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 68 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 85 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 25 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Ambey Lab Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 89.25 रुपये (Ambey Lab Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 31.25 फीसदी मुनाफे में हैं।

Ambey Lab IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

अंबे लैब का ₹44.68 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-8 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 173.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 61.90 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 324.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 195.06 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 42.55 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3.12 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में करेगी।


Ambey Lab के बारे में

वर्ष 1985 में बनी अंबे लैब फसलों की सुरक्षा को लेकर एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके ग्राहक एरोमैटिक रसायन, जेआर जिंदल इंफ्राप्रोजेक्ट्स और एससी फॉर्म्यूलेटर जैसे बड़े-बड़े कॉरपोरेट हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में इसे 10.34 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में गिरकर 3.57 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि फिर स्थिति सुधरी और वित्त वर्ष 2023 में इसे 4.57 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 14 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 107.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो 10 महीने में यानी जनवरी 2024 तक इसे 6.08 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 100.44 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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