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Ambuja Cements Share Price: समय से पहले कर्ज चुकाने के बावजूद नहीं दिखी खरीदारी, 2% से अधिक टूट गए शेयर

अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) को खरीदने के लिए अदाणी ग्रुप ने जो लोन लिया था, उसमें से 50 करोड़ डॉलर (4097 करोड़ रुपये) का समय से पहले चुकता हो गया है। हालांकि इसके बावजूद सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है। इसके शेयर आज इंट्रा-डे में बीएसई पर दो फीसदी से अधिक टूटकर 370.65 रुपये के भाव पर फिसल गए थे

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 13, 2023 पर 1:50 PM
Ambuja Cements Share Price: समय से पहले कर्ज चुकाने के बावजूद नहीं दिखी खरीदारी, 2% से अधिक टूट गए शेयर
सीमेंट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 में सीमेंट की मजबूत मांग रहेगी।

अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) को खरीदने के लिए अदाणी ग्रुप ने जो लोन लिया था, उसमें से 50 करोड़ डॉलर (4097 करोड़ रुपये) का समय से पहले चुकता हो गया है। हालांकि इसके बावजूद सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है। इसके शेयर आज इंट्रा-डे में बीएसई पर दो फीसदी से अधिक टूटकर 370.65 रुपये के भाव पर फिसल गए थे। फिलहाल यह 1.26 फीसदी की गिरावट के साथ 373.60 रुपये के भाव (Ambuja Cements Share Price) पर ट्रेड हो रहा है।

अदाणी ग्रुप ने पिछले साल सितंबर 2022 में अंबुजा सीमेंट्स और इसकी सब्सिडियरी एसीसी को होल्सिम से खरीद लिया था। यह सौदा करीब 1050 करोड़ डॉलर में पड़ा था। होल्सिम ने अंबुजा सीमेंट्स की 63.19 फीसदी और एसीसी की 54.53 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। एसीसी में इसकी जो 54.53 फीसदी हिस्सेदारी थी, उसमें से 50.05 फीसदी अंबुजा सीमेंट्स के जरिए थी।

समय से पहले Ambuja Cements का 50 करोड़ डॉलर लोन चुकता

अंबुजा सीमेंट्स के अधिग्रहण के लिए जो लोन लिया गया था, उसमें 50 करोड़ डॉलर का कर्ज समय से पहले चुका दिया गया। अदाणी ग्रुप ने कहा कि यह इक्विटी कांट्रिब्यूशन बढ़ाने की प्रमोटर्स की प्रतिबद्धता के मुताबिक ही है और प्रमोटर्स ने अंबुजा-एसीसी के 660 करोड़ डॉलर की टोटल एक्विजिशन वैल्यू में से 260 करोड़ डॉलर निवेश कर दिया है। अदाणी ग्रुप का कहना है कि पूरा प्रीपेमेंट कार्यक्रम छह हफ्ते के भीतर पूरा हो गया जो मजबूत लिक्विडिटी मैनेजमेंट और स्पांसर लेवल पर पूंजी तक पहुंच को साबित करता है।

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