AMFI review : AMFI की छमाही समीक्षा होने वाली है। इस पर नुवामा अल्टरनेटिव रिसर्च (Nuvama Alternative Research) की रिपोर्ट आई है। इससे पता चलता है कि AMFI में स्मॉलकैप और मिडकैप से किसकी एंट्री होगी और कौन होगा बाहर। मिडकैप से कौन बनेगा लार्जकैप किसको मिलेगा अपग्रेड।
शेयरों के री-कैटेगराइजेशन के लिए जुलाई में AMFI की छमाही समीक्षा होगी। इसमें मार्केट में करेक्शन से कट ऑफ में भी बदलाव होंगे। ये बदलाव इस साल एक जुलाई से लागू होंगे। यह बदलाव इसीलिए अहम है क्योंकि एमफी के लिस्ट पर एक्टिव फंड मैनेजर्स की नजर बनी रहती है। जब भी वह खरीदारी करते हैं या अपने पोर्टफोलियो में रिबैलेंसिंग करते हैं तो इस लिस्ट पर जोर देते हैं और उसी के मुताबिक अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करते हैं। इस समीक्षा में लार्जकैप का कट-ऑफ घटने का अनुमान है। दिसंबर 2025 में इसका कट ऑफ 1.05 लाख करोड़ रुपए था जो अब 1.04 लाख करोड़ रुपए पर आ सकता है।
मिडकैप का कट-ऑफ घटने का भी अनुमान है। दिसंबर 2025 में इसका कट-ऑफ 34,800 करोड़ रुपए था। अब यह 31,500 करोड़ रुपए पर आ सकता है।
मिडकैप से लार्जकैप में इनकी एंट्री संभव
इंडियन बैंक, बीएसई, जिंदल स्टील, इंडस टावर्स, ग्रो, हिताची एनर्जी इंडिया, वोडाफोन आइडिया और अशोक लीलैंड की मिडकैप से लार्जकैप में एंट्री संभव है।
स्मॉलकैप से मिडकैप में इनकी एंट्री संभव
हिंदुस्तान कॉपर, NLC इंडिया, AIA इंजीनियरिंग, अजंता फार्मा, एस्टर DM हेल्थकेयर, Delhivery, सेंट्रल बैंक, सोना BLW प्रिसिजन फोर्जिंग्स और JB केमिकल्स की स्मॉलकैप से मिडकैप में एंट्री संभव है।
बता दें कि AMFI म्युचुअल फंड इंडस्ट्री की निगरानी करने वाली संस्था है। इसके ताजे आंकड़ों के मुताबिक मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड में होने वाले निवेश में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई,भले ही ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू बाज़ारों में गिरावट आई है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) और इंडेक्स फंड जैसी पैसिव निवेश श्रेणियों में भी ज़बरदस्त रुझान देखने को मिला है।
इस महीने का नेट AUM ₹73.73 लाख करोड़ रहा, जबकि फरवरी 2026 में यह ₹82.02 लाख करोड़ था। इसमें महीने-दर-महीने गिरावट आई है। इसके बावजूद,औसत AUM (AAUM) ₹79.46 लाख करोड़ करोड़ रुपए के मज़बूत स्तर पर बना रहा,जो निवेशकों की लगातार बढ़ रही भागीदारी का संकेत है। मार्च में इक्विटी स्कीमों में शुद्ध निवेश 40,450.26 करोड़ रुपये रहा, जो फरवरी के 25,978 करोड़ रुपये से 55.7 प्रतिशत ज़्यादा है। यह जुलाई 2025 के बाद से सबसे ज़्यादा मासिक निवेश है।