Smallcap Stocks Soars: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के चलते दुनिया भर के स्टॉक मार्केट को करारा शॉक लगा है। इस कारोबारी हफ्ते ओवरऑल मार्केट में काफी बिकवाली रही लेकिन स्मॉलकैप स्टॉक्स ने अपना कमाल दिखा दिया क्योंकि गिरावट तो इनमें भी रही लेकिन लॉर्ज और मिडकैप की तुलना में कम। इस कारोबारी हफ्ते बीएसई लॉर्ज कैप और मिडकैप इंडेक्सेज ढाई-ढाई फीसदी फिसल गए लेकिन बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.6 फीसदी ही फिसला। इस कारोबारी हफ्ते 90 से अधिक स्मॉलकैप स्टॉक्स में 10-46 फीसदी तक की तेजी आई।
घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 2050.23 प्वाइंट्स यानी 2.64 फीसदी फिसलकर 75,364.69 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 614.9 प्वाइंट्स यानी 2.61 फीसदी गिरकर 22,904.45 पर आ गया। सेक्टरवाइज बात करें तो निफ्टी आईटी कोरोना महामारी के बाद से सबसे बड़ी गिरावट से जूझ रहा है और इस हफ्ते 9 फीसदी टूटा जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स भी 7.5 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस 4 फीसदी तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो भी 3-3 फीसदी गिर गया।
इस हफ्ते इन शेयरों ने दिखाया दम
इस हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 13,730.49 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,632.56 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की। डीआईआई की खरीदारी के चलते कुछ स्मॉल कैप स्टॉक्स में अच्छी तेजी दिखी। हालांकि पोकर्ण, गारवेयर हाई-टेक फिल्म्स, अवंती फीड्स, जेनसॉल इंजीनियरिंग, ब्लू जेट हेल्थकेयर, एमपीएस, शारदा क्रॉपकेम, सिग्निती टेक में 9-25 फीसदी की गिरावट के चलते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6 फीसदी फिसल गया।
वहीं दूसरी तरफ हेस्टर बॉयोसाइंसेज, बाजार स्टाइल रिटेल, प्राइमो केमिकल्स, शिवा सीमेंट, वैलिएंट ऑर्गेनिक्स, एनएसीएल इंडस्ट्रीज, वाडीलाल इंडस्ट्रीज, स्पोर्टकिंग इंडिया, गणेश बेंजोप्लास्ट, वर्धमान टेक्सटाइल्स, पराग मिल्क फूड्स और टार्सन प्रोडक्ट्स जैसे शेयरों में 21-46 फीसदी की तेजी ने इस इंडेक्स को अधिक नीचे नहीं गिरने दिया। यहां इस हफ्ते शेयरों की तेजी-गिरावट के बारे में बताया जा रहा है।
Nifty 50 के लिए आगे क्या है रुझान?
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारत पर जो अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है, वह बाकी एशियाई देशों के मुकाबले काफी कम है, इससे थोड़ी राहत मिली है। वहीं मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख (रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और सेक्टरवाइज हलचल दिख सकती है। सिद्धार्थ के मुताबिक ब्याज दरों पर आरबीआई के फैसले, कंपनियों के कारोबारी नतीजे और वैश्विक मार्केट की चाल इस पर असर डालेगी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी का शॉर्ट-टर्म रुझान कमजोर बना हुआ है। निफ्टी अगर 22800 का लेवल तोड़ता है तो यह 22350 के लेवल तक फिसल सकता है। हालांकि अगर वापसी होती है तो इसे 23150 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है। कोटक सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) अमोल अठावले का कहना है कि निफ्टी 23,500 का अहम सपोर्ट लेवल तोड़ चुका है और अब इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। अमोल का कहना है कि निफ्टी फिर 23000 के पार जाता है तो यह 23,250-23,325 तक पहुंच सकता है लेकिन अगर यह 22,800 के नीचे आता है तो यह 22,700 तक और फिर 22,500 तक आ सकता है।
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