Arvind and Company IPO Listing: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज (Arvind and Company Shipping Agencies) के शेयरों की आज कमजोर मार्केट में भी NSE के SME प्लेटफॉर्म पर शानदार एंट्री हुई। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 385 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 45 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 80 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 77.78 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Arvind and Company Listing Gain) मिला।
लिस्टिंग के बाद भी तेजी थमी नहीं। उछलकर यह 84 रुपये (Arvind and Company Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि करीब 87 फीसदी प्रीमियम पर। मुनाफावसूली के चलते भाव में नरमी आई और दिन के आखिरी में यह 80 रुपये पर बंद हुआ यानी कि पहले दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक करीब 78 फीसदी मुनाफे में हैं।
Arvind and Company Shipping Agencies IPO के बारे में
अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज का 14.74 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12 अक्टूबर-16 अक्टूबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह आईपीओ 385.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 321.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 32.76 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा।
अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज 1987 में बनी थी और यह गुजरात के जामनगर में है। यह किराए पर टग्स और बार्जेज मुहैया कराती है। इसके पास कार्गो बार्जेज, फ्लैट टॉप बार्जेज. क्रेन माउंटेड बार्जेज, हॉपर बार्जेज के साथ-साथ कार्गो इधर से उधर ले आने-जाने के लिए के लिए स्पड बार्जेज और टग्स हैं। यह मेंटनेंस से जुड़ी सर्विसेज भी मुहैया कराती है। इसके वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है।
वित्त वर्ष 2021 में इसे 23.75 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 1 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 3.47 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी तेजी से आगे बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में इसका रेवेन्यू 52.51 लाख रुपये था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 3.31 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 8.41 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।