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Arvind and Company IPO Listing: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी की धांसू लिस्टिंग, सुस्त मार्केट में भी अपर सर्किट

Arvind and Company IPO Listing: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज (Arvind and Company Shipping Agencies) के शेयरों की NSE के SME प्लेटफॉर्म पर एंट्री हो गई है। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 385 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कि आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 25, 2023 पर 4:57 PM
Arvind and Company IPO Listing: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी की धांसू लिस्टिंग, सुस्त मार्केट में भी अपर सर्किट
Arvind and Company IPO Listing: अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज का 14.74 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12 अक्टूबर-16 अक्टूबर के बीच खुला था। आज इसकी NSE SME पर एंट्री हुई है।

Arvind and Company IPO Listing: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनी अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज (Arvind and Company Shipping Agencies) के शेयरों की आज कमजोर मार्केट में भी NSE के SME प्लेटफॉर्म पर शानदार एंट्री हुई। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 385 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 45 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 80 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 77.78 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Arvind and Company Listing Gain) मिला।

लिस्टिंग के बाद भी तेजी थमी नहीं। उछलकर यह 84 रुपये (Arvind and Company Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि करीब 87 फीसदी प्रीमियम पर। मुनाफावसूली के चलते भाव में नरमी आई और दिन के आखिरी में यह 80 रुपये पर बंद हुआ यानी कि पहले दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक करीब 78 फीसदी मुनाफे में हैं।

Arvind and Company Shipping Agencies IPO के बारे में

अरविंद एंड कंपनी शिपिंग एजेंसीज का 14.74 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12 अक्टूबर-16 अक्टूबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह आईपीओ 385.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 321.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 32.76 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा।

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