एशियाई बाजार सतर्क मूड में दिख रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में चल रही लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके चलते केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। अनुमान है कि इस हफ्ते होने जा रही पॉलिसी मीटिंग्स में ज्यादातर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को जस का तस रख सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड और स्वीडन के केंद्रीय बैंक इस हफ्ते नीतिगत दरों पर मीटिंग करने वाले हैं।
कच्चे तेल की कीमत की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 0.1% बढ़कर 103.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। अमेरिकी क्रूड 0.7% गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशियाई मार्केट्स में जापान का निक्केई 1.2% गिरा है, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.6% गिरा है। जकार्ता कंपोजिट 2% से ज्यादा गिरा है। वहीं हेंग सेंग और ताइवान वेटेड में तेजी है।
सोमवार को चीन के आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। उम्मीद है कि साल की निराशाजनक शुरुआत के बाद फरवरी में खुदरा बिक्री के आंकड़े अच्छे होंगे। औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि लगभग 5% रहने का अनुमान है।
फेड की मीटिंग 17-18 मार्च को
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग 17 और 18 मार्च को होने वाली है। अनुमान है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। जनवरी की मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इन्हें जस का तस छोड़ा गया था। दिसंबर 2025 में लगातार तीसरी बार ओवरनाइट लेंडिंग रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी, जिसके बाद ब्याज दर 3.50%-3.75% प्रतिशत के दायरे में आ गई।
इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन इस हफ्ते की शुरुआत में ही यह घोषणा करने की योजना बना रहा है कि कई देश मिलकर एक गठबंधन बनाने पर सहमत हो गए हैं। यह गठबंधन होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों को सुरक्षा देगा। यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री सोमवार को मध्य पूर्व में एक छोटे नौसैनिक मिशन को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे, हालांकि होर्मुज स्ट्रेट में कोई भी ऑपरेशन काफी जोखिम भरा हो सकता है।
मिडिल ईस्ट में US-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी 2026 से जारी है। खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से होने वाला समुद्री यातायात रुक गया है। ईरान ने इस मार्ग पर नाकेबंदी कर रखी है। इसके चलते वैश्विक शिपिंग में बाधाएं आई हैं। इसका असर कच्चे तेल, LPG और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई पर पड़ा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। अन्य देशों के व्यापारिक जहाज इस मार्ग से गुजरने के लिए स्वतंत्र हैं।